‘लैंडक्राफ्ट’ में चुनावी प्रक्रिया पर प्रशासन का शिकंजा, अध्यक्ष-सचिव को डिप्टी रजिस्ट्रार का सख्त नोटिस!
बिना मतदान अधिकार वाले दो चेहरे चुनाव समिति में ?
नियमों पर उठे गंभीर सवाल
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एओए/आरडब्लूए डेस्क
गाजियाबाद। NH 24 स्थित गोल्फ लिंक टाउनशिप की लैंडक्राफ्ट सोसाइटी में चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठे विवाद ने अब गंभीर प्रशासनिक मोड़ ले लिया है। डिप्टी रजिस्ट्रार, फर्म्स सोसाइटीज एवं चिट्स, गाजियाबाद ने सोसाइटी के अध्यक्ष और सचिव को नोटिस जारी कर कड़े शब्दों में स्पष्टीकरण तलब किया है। यह कार्रवाई निवासी गौरव गुप्ता की लिखित शिकायत के बाद की गई है, जिसमें चुनाव समिति के गठन पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
गौरतलब है कि चुनाव समिति द्वारा जारी रिवाइज्ड शेड्यूल के अनुसार 15 मार्च को सोसाइटी में इलेक्शन होना है। ऐसे में प्रशासन के पत्र ने सोसाइटी ही नहीं बल्कि पूरी टाउनशिप में खलबली मचा दी है।
शिकायत में लगाए गए गंभीर आरोप
शिकायतकर्ता गौरव गुप्ता ने आरोप लगाया है कि चुनाव समिति में ऐसे दो व्यक्तियों को शामिल किया गया है, जिन्हें सोसाइटी के नियमों के तहत मतदान का अधिकार प्राप्त नहीं है। गुप्ता का कहना है कि यह न केवल उपविधियों का उल्लंघन है, बल्कि पूरी चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि यदि समिति का गठन ही विवादित रहेगा तो चुनाव परिणाम भी संदेह के घेरे में आ सकते हैं। गुप्ता ने मांग की है कि समिति का पुनर्गठन कर केवल वैध एवं पात्र सदस्यों को ही शामिल किया जाए।
डिप्टी रजिस्ट्रार का सख्त रुख

डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा जारी नोटिस में साफ कहा गया है कि चुनाव प्रक्रिया सोसाइटी के पंजीकृत उपविधियों एवं सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के अनुरूप होनी चाहिए। नोटिस में यह भी संकेत दिया गया है कि यदि अनियमितता प्रमाणित होती है तो जिम्मेदार पदाधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डिप्टी रजिस्ट्रार का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की ढिलाई या पक्षपात को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सिर्फ सलाहकार, सदस्य नहीं: चुनाव समिति

विवाद पर चुनाव समिति के सदस्य एस. के. भटनागर ने डिप्टी रजिस्ट्रार को दिए अपने लिखित जवाब में स्पष्ट किया है कि चुनाव समिति के गठन के समय चार सदस्यों ने स्वयं नामांकन प्रस्तुत किया था। सोसाइटी में कुल 10 टावर तथा 1605 फ्लैट हैं, ऐसे में व्यापक प्रतिनिधित्व और सुचारु समन्वय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इन चार नामों को केवल सलाहकार के रूप में जोड़ा गया है, न कि विधिवत चुनाव समिति के सदस्य के तौर पर।
भटनागर ने अपने प्रत्युत्तर पत्र में प्रशासन को आश्वस्त किया है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह मॉडल बायलॉज का अनुपालन करते हुए निष्पक्ष, पारदर्शी और विधिसम्मत तरीके से संपन्न कराई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर अनावश्यक विवाद उत्पन्न करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि चुनाव समिति नियमों और उपविधियों के दायरे में रहकर कार्य कर रही है।
यदि प्रशासन इलेक्शन कमेटी के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।
