15 मिनट में जेवर एयरपोर्ट! फरीदाबाद के लिए बन रहा 31 किमी का ‘डेवलपमेंट कॉरिडोर’

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31 किमी लंबा 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे

1200 पाइल्स तैयार, यमुना पर गर्डर का काम जारी

NEWS1UP

संवाददाता

फरीदाबाद/जेवर। हरियाणा का उभरता औद्योगिक शहर फरीदाबाद अब सीधे अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क से जुड़ने की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है। फरीदाबाद को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से जोड़ने के लिए 31 किलोमीटर लंबा 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे युद्धस्तर पर तैयार किया जा रहा है। यह केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि औद्योगिक निवेश, रियल एस्टेट और क्षेत्रीय विकास की नई धुरी बनने जा रही है।

15–20 मिनट में एयरपोर्ट

एक्सप्रेसवे के पूरा होने के बाद फरीदाबाद से जेवर एयरपोर्ट की दूरी महज 15–20 मिनट में तय की जा सकेगी। अभी जहां दिल्ली या नोएडा होकर लंबा चक्कर लगाना पड़ता है, वहीं यह सीधा मार्ग समय और ईंधन दोनों की बचत करेगा।

यह 6-लेन एक्सप्रेसवे भविष्य में 8-लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। इसकी शुरुआत फरीदाबाद के सेक्टर-65 स्थित दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे लिंक रोड से होगी और समापन उत्तर प्रदेश के दयानतपुर गांव के पास एयरपोर्ट क्षेत्र में होगा।

औद्योगिक कॉरिडोर को मिलेगा बूस्ट

इस परियोजना का सबसे बड़ा असर फरीदाबाद के औद्योगिक सेक्टर पर देखने को मिलेगा। निर्यात आधारित उद्योगों के लिए एयर कार्गो सुविधा तक सीधी पहुंच आसान होगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह मार्ग फरीदाबाद को एनसीआर के औद्योगिक नक्शे पर नई मजबूती देगा और विदेशी निवेश आकर्षित करेगा।

प्रतीकात्मक तस्वीर

18 गांवों से गुजरेगा विकास का रास्ता

यह एक्सप्रेसवे कुल 18 गांवों से होकर गुजरेगा, 12 हरियाणा और 6 उत्तर प्रदेश में। हरियाणा के शाहपुर, सोतई, चंदावली, बहबलपुर, फफूंदा, पन्हेड़ा खुर्द, नरहावली, मेहमादपुर, हीरापुर, मोहना, कलन और बाघपुर, जबकि यूपी के झुप्पा, फलैदा बांगर, अमरपुर, करौली बांगर, वल्लभनगर और दयानतपुर इसके दायरे में आएंगे।

स्थानीय ग्रामीणों के लिए यह परियोजना जहां भूमि अधिग्रहण और मुआवजे का मुद्दा है, वहीं रोजगार और व्यावसायिक अवसरों की नई उम्मीद भी जगा रही है।

निर्माण की रफ्तार तेज

परियोजना का जिम्मा संभाल रही नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने अप्रैल 2027 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा है, हालांकि कुछ हिस्से 2026 तक चालू हो सकते हैं। अब तक करीब 3000 पाइल्स में से लगभग 1200 पाइल्स तैयार किए जा चुके हैं। यमुना नदी पर गर्डर रखने का काम जारी है और ऊपरी ढांचे की कास्टिंग भी शुरू हो चुकी है। इससे निर्माण कार्य ने नई गति पकड़ ली है।

2,414 करोड़ की लागत, बहुआयामी लाभ

करीब 2,414 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को क्षेत्रीय आर्थिक विकास का इंजन माना जा रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो यह एक्सप्रेसवे न केवल फरीदाबाद बल्कि पलवल, बल्लभगढ़ और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की रियल एस्टेट और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों को भी गति देगा।

बदलती तस्वीर का संकेत

जेवर में बन रहा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहले ही एनसीआर के विकास का केंद्र बन चुका है। ऐसे में फरीदाबाद को सीधे जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे शहर की ‘स्मार्ट सिटी’ पहचान को नई ऊंचाई देगा। आने वाले वर्षों में यह मार्ग केवल यात्रियों की सुविधा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार सृजन का नया अध्याय लिखेगा। फरीदाबाद के लिए यह एक्सप्रेसवे वास्तव में विकास की ‘रनवे’ साबित हो सकता है।

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