सिंगापुर में गूंजा नारा “योगी हैं तो यूपी है”!
प्रवासी भारतीयों ने किया जोरदार स्वागत
भावनात्मक हुआ माहौल
NEWS1UP
विशेष संवाददाता
सिंगापुर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सिंगापुर दौरा प्रवासी भारतीयों के लिए उत्साह और गर्व का अवसर बन गया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर भारतीय समुदाय भावनाओं से भर उठा। कार्यक्रम स्थल पर “योगी हैं तो यूपी है” के नारों की गूंज लगातार सुनाई देती रही और पूरा सभागार तालियों से गूंजता रहा।
संत जब सियासत में आता है तो सियासत इबादत बन जाती है

कार्यक्रम के दौरान सिंगापुर में रह रहीं भारतीय मूल की स्वाति ने मुख्यमंत्री को प्रदेश की साढ़े 11 करोड़ महिलाओं की ओर से ‘भैया’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान का वातावरण मिला है, जिसके कारण अब महिलाएं रात में भी निडर होकर बाहर निकल सकती हैं।
स्वाति ने भावुक स्वर में कहा-
“जब संत सियासत में आता है तो सियासत इबादत बन जाती है। योगी नेतृत्व में प्रदेश सुरक्षित और शुभ बन चुका है।”
उन्होंने संस्कृत में नारा देते हुए कहा “योगी नेतृत्वे प्रदेशः भवति सुरक्षितम शुभम।” उनके इस संबोधन के बाद कार्यक्रम स्थल पर भावनात्मक वातावरण बन गया।
बच्ची के स्केच पर सीएम का ऑटोग्राफ, चेहरे पर खिली मुस्कान

कार्यक्रम के दौरान एक नन्हीं बच्ची मुख्यमंत्री का स्केच बनाकर लाई थी। जैसे ही वह मंच के पास पहुंची, मुख्यमंत्री ने स्नेहपूर्वक उसके स्केच पर अपना ऑटोग्राफ दिया। यह पल वहां मौजूद लोगों के लिए बेहद खास बन गया और बच्ची की मुस्कान ने सबका दिल जीत लिया।
इसी दौरान एक महिला ने मुख्यमंत्री की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी) बांधकर भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक भी प्रस्तुत किया।
गणपति वंदना पर मनोहारी नृत्य, मुख्यमंत्री ने की सराहना

सिंगापुर के प्रतिष्ठित Global Indian International School के विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के स्वागत में भारतीय शास्त्रीय शैली में गणपति वंदना पर मनोहारी नृत्य प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने प्रस्तुति की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि हजारों किलोमीटर दूर रहकर भी भारतीय समुदाय अपने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को जिस मजबूती से जीवित रखे हुए है, वह अत्यंत प्रेरणादायक है।
उन्होंने कहा-
“आज जब पाश्चात्य संस्कृति को अपनाने की होड़ लगी है, ऐसे समय में सिंगापुर में रहकर भारतीय परंपराओं को जीवंत रखना गौरव का विषय है।”
ली क्वान यू से की तुलना
विद्यालय के संस्थापक ने मुख्यमंत्री की नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनमें सिंगापुर के संस्थापक प्रथम प्रधानमंत्री Lee Kuan Yew की झलक दिखाई देती है। इस टिप्पणी पर उपस्थित जनसमूह ने तालियों से स्वागत किया।
यह कार्यक्रम केवल एक सांस्कृतिक आयोजन भर नहीं रहा, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार और प्रवासी भारतीय समुदाय के बीच बढ़ते संबंधों का भी सशक्त प्रतीक बनकर उभरा। मुख्यमंत्री के संबोधन में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, विकास और निवेश संभावनाओं का भी उल्लेख रहा, जिससे वहां उपस्थित भारतीय मूल के उद्यमियों में विशेष उत्साह देखा गया।
