टोक्यो में ‘निवेश कूटनीति’ का मास्टरस्ट्रोक!
योगी आदित्यनाथ ने ने जापानी दिग्गजों को दिया यूपी में हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स हब बनाने का खुला न्योता
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भूमेश शर्मा
टोक्यो/लखनऊ। उत्तर प्रदेश को ग्लोबल सप्लाई चेन और हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग का मजबूत केंद्र बनाने के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान दौरे के पहले ही दिन निवेश संवाद की आक्रामक शुरुआत की। टोक्यो में उन्होंने जापान की लॉजिस्टिक्स दिग्गज कोनोइके ट्रांसपोर्ट कंपनी लिमिटेड (Konoike Transport Co. Ltd.) और अग्रणी वैश्विक ट्रेडिंग कंपनी मित्सुई एंड कंपनी लि. (Mitsui & Co.) के शीर्ष प्रबंधन से अलग-अलग बैठक कर उत्तर प्रदेश में बड़े निवेश का औपचारिक आमंत्रण दिया।

लॉजिस्टिक्स और मेडिकल डिवाइस पर फोकस
कोनोइके ट्रांसपोर्ट के सीनियर मैनेजिंग एग्जीक्यूटिव ऑफिसर शीगेकी तानाबे के साथ बैठक में लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग, मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने राज्य की डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) कनेक्टिविटी और तेज एक्सप्रेस-वे नेटवर्क को निवेशकों के लिए गेम-चेंजर बताया।
उन्होंने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में विकसित हो रहे मेडिकल डिवाइस पार्क का उल्लेख करते हुए कहा कि यह जापानी कंपनियों के लिए अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंगल-विंडो क्लियरेंस और स्थिर नीतिगत समर्थन के साथ आदर्श इकोसिस्टम प्रदान करता है।
चार उभरते सेक्टर में रणनीतिक प्रस्ताव
मित्सुई एंड कंपनी के साथ बैठक में सीएम योगी ने चार प्रमुख क्षेत्रों, नवीकरणीय ऊर्जा (सोलर, बायो-एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन), आईसीटी व इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन और हाइपर-स्केल डेटा सेंटर में निवेश संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विशाल उपभोक्ता बाजार, कुशल मानव संसाधन और तेजी से निर्णय लेने वाली सरकार के कारण दीर्घकालिक औद्योगिक साझेदारी के लिए सबसे उपयुक्त गंतव्य है।
टोक्यो में गरिमामय स्वागत, रणनीतिक संदेश

जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचने पर मुख्यमंत्री का स्वागत यामानाशी प्रांत के वाइस गवर्नर जुनिचि इशिदरा, भारत की राजदूत नगमा एम मलिक तथा भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों ने किया। सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री ने लिखा “उगते सूरज की नवोन्मेषी भूमि को प्रभु श्रीराम की पावन धरा के ‘आदित्य’ का नमस्कार।”
जापान दौरे के पहले दिन की ये बैठकों ने स्पष्ट कर दिया है कि उत्तर प्रदेश अब केवल निवेश का आमंत्रण नहीं दे रहा, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन और भविष्य की अर्थव्यवस्था में अपनी निर्णायक हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के मिशन पर आगे बढ़ चुका है।
