बरसाना में रंगोत्सव 2026: प्रेम की लाठियों संग उड़ा भक्ति का गुलाल, हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा!
देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु
बरसाना बना आस्था का केंद्र
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
मथुरा। ब्रज की पावन धरा पर बुधवार को ऐसा दृश्य साकार हुआ, जिसे देखकर लगा मानो स्वयं द्वापर युग लौट आया हो। बरसाना की गलियां ‘रंगोत्सव 2026’ के उल्लास में सराबोर रहीं। विश्वविख्यात लठामार होली में नंदगांव के हुरियारों पर बरसाने की हुरियारिनों ने प्रेम की लाठियां बरसाईं और आसमान से हेलीकॉप्टर द्वारा हुई पुष्पवर्षा ने इस अलौकिक उत्सव को और भी दिव्य बना दिया। देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालु इस अद्भुत परंपरा के साक्षी बने।
प्रिया कुंड पर दामाद-सा सत्कार, श्रीजी से ली होली की आज्ञा
नंदगांव से आए हुरियारों का स्वागत प्रिया कुंड पर दामाद की तरह किया गया। ब्रज परंपरा के अनुसार उन्हें मिठाई, पकोड़े, ठंडाई और भांग परोसी गई। आत्मीय सत्कार के बाद हुरियारों ने पाग बांधी और ब्रह्मांचल पर्वत पर स्थित श्री लाडली किशोरी जी मंदिर पहुंचकर राधा रानी से होली खेलने की अनुमति ली।
जैसे ही अनुमति मिली, हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा शुरू हो गई, फूलों की वर्षा में नहाए श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा बरसाना गूंज उठा।

रंगीली गली में रसिया की गूंज, 5000 साल पुरानी परंपरा जीवंत
दोपहर बाद रंगीली गली में ढोल-नगाड़ों की थाप पर ब्रज के पारंपरिक रसिया गूंज उठे। हुरियारों ने गीतों के माध्यम से हुरियारिनों को रिझाया, तो जवाब में महिलाओं ने हंसी-ठिठोली के बीच लाठियों से वार किए। पुरुषों ने चमड़े की ढाल से बचाव किया।
मान्यता है कि जब भगवान कृष्ण अपने सखाओं के साथ राधा रानी को चिढ़ाने बरसाना आए थे, तब सखियों ने उन्हें लाठियों से खदेड़ा था। उसी लीला की स्मृति में यह लठामार होली आज भी 5000 वर्षों से निभाई जा रही है। ब्रज में होली बसंत पंचमी से शुरू होकर 45 दिनों तक चलती है, जिसमें यह आयोजन मुख्य आकर्षण होता है।
श्रद्धालुओं की भावनाएं: यहां लाठियों में भी प्रेम है
उत्सव का साक्षी बनने आई श्रद्धालु भारती ने कहा-
“जीवन में पहली बार ऐसी होली देखी है। यहां लाठियों में भी प्रेम और भक्ति का भाव है।”
श्रद्धालु स्वाति ने योगी सरकार की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा-
“इतनी भीड़ के बावजूद प्रबंधन अनुकरणीय रहा। आसमान से फूल बरसते देख मन आनंद से भर गया।”
नंदबाबा मंदिर के मुख्य पुजारी मनीष गोस्वामी ने बताया कि नंदगांव और बरसाना का संबंध द्वापर युग से है। यह लाठियां किसी को चोट पहुंचाने के लिए नहीं, बल्कि राधा-कृष्ण के निश्छल प्रेम का प्रतीक हैं।
योगी सरकार ने दिया भव्य रूप, सुरक्षा रही अभेद्य
‘रंगोत्सव 2026’ को भव्य और दिव्य स्वरूप देने के लिए राज्य सरकार ने विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कराया। ब्रज की लोक परंपराओं, संगीत और नृत्य ने वातावरण को और अधिक उल्लासमय बना दिया।
लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। 4500 से अधिक पुलिसकर्मी, पीएसी और एंटी रोमियो स्क्वायड की टीमें तैनात रहीं। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार स्वयं गलियों में पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करते नजर आए।
