‘थैंक्यू योगी अंकल!’ सीएम से मुलाकात के 24 घंटे में मेजर की बेटी को इंसाफ!!
सीजोफ्रेनिया से पीड़ित अंजना का करोड़ों का मकान कराया गया कब्जामुक्त
चंदौली के दबंगों ने फर्जी कागजों से किया था कब्जा
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
लखनऊ। नये साल के पहले ही दिन उत्तर प्रदेश में ‘भूमाफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस’ नीति की एक और मिसाल सामने आई है। दबंगों और फर्जी दस्तावेजों के जाल में फंसी एक मेजर की बीमार बेटी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप से सिर्फ 24 घंटे के भीतर न्याय मिल गया। पुलिस ने न केवल करोड़ों रुपये के मकान को कब्जामुक्त कराया, बल्कि भूमाफिया और उसके सहयोगी को सलाखों के पीछे भी पहुंचा दिया।
इंदिरानगर स्थित ए-418 नंबर का यह मकान किसी आम व्यक्ति का नहीं, बल्कि भारतीय सेना में सेवारत रहे स्वर्गीय मेजर बिपिन चंद्र भट्ट का है। उनकी इकलौती जीवित संतान अंजना भट्ट, जो पिता और भाई-बहनों को खोने के बाद सीजोफ्रेनिया जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं, पिछले कई वर्षों से रिहैब सेंटर में इलाजरत हैं। इसी असहायता का फायदा उठाकर भूमाफिया ने उनकी संपत्ति पर कब्जा कर लिया।

बीमारी और अकेलेपन का फायदा उठाकर किया गया कब्जा
अंजना वर्ष 2016 से लखनऊ के एक रिहैब सेंटर में रह रही हैं। इलाज के दौरान जब वह अपने पैतृक मकान की देखरेख नहीं कर पा रही थीं, तभी चंदौली निवासी बलवंत कुमार यादव और उसका सहयोगी मनोज कुमार यादव सक्रिय हो गए। फर्जी दस्तावेजों के सहारे मकान को अपने नाम दिखाते हुए उन्होंने न केवल वहां बोर्ड लगा दिया, बल्कि वास्तविक स्वामित्व को ही चुनौती दे डाली।
6 दिसंबर को स्थानीय थाने में शिकायत देने के बावजूद जब कार्रवाई में देरी हुई, तो अंजना ने अंतिम आस के तौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने का निर्णय लिया।
मुख्यमंत्री से मुलाकात, संवेदनशीलता और त्वरित एक्शन
31 दिसंबर की शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंजना को मुलाकात का समय दिया। देश की सेवा करने वाले एक सैनिक की बेटी की पीड़ा को मुख्यमंत्री ने पूरी संवेदनशीलता के साथ सुना और स्पष्ट निर्देश दिए कि “24 घंटे में न्याय चाहिए।” इसके बाद प्रशासन और पुलिस हरकत में आई। जांच तेज हुई, दस्तावेज खंगाले गए और गुरुवार दोपहर से पहले ही मकान को कब्जामुक्त कर अंजना को सौंप दिया गया।

घर में कदम रखते ही भावुक हुई अंजना
पुलिस और सेना के अधिकारियों की मौजूदगी में जब अंजना अपने मकान में दाखिल हुईं, तो भावनाएं फूट पड़ीं। उन्होंने हर कमरे की दीवारों को छुआ, चूमा, आंखों से आंसू बहते रहे। नारियल फोड़ा, दीप जलाया और पुष्प अर्पित कर अपने बीते हुए परिवार को याद किया। पड़ोस की महिलाओं से लिपटकर वह रो पड़ीं। उनके मुंह से बार-बार एक ही वाक्य निकल रहा था, “थैंक्यू योगी अंकल! गॉड ब्लेस यू।”

24 घंटे के भीतर दो आरोपी गिरफ्तार
एसीपी गाजीपुर अनिंद्य विक्रम सिंह ने बताया कि इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए बलवंत कुमार यादव उर्फ बब्लू (निवासी नारायणपुर, सैयदाराजा, चंदौली) मनोज कुमार यादव (निवासी दाउदपुर, कोतवाली चंदौली) को गिरफ्तार कर लिया गया है। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संपत्ति हड़पने के आरोप में दोनों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
‘योगी मॉडल’ की एक और मिसाल
यह मामला न सिर्फ भूमाफिया के खिलाफ सरकार की कठोर नीति को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि अगर पीड़ित की आवाज सीधे सत्ता तक पहुंचे, तो न्याय में देर नहीं होती। एक बीमार, असहाय और अकेली महिला के लिए मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता ‘छांव’ बनकर सामने आई और भूमाफिया के लिए यह स्पष्ट संदेश भी कि उत्तर प्रदेश में अब अवैध कब्जे का खेल नहीं चलेगा।
