पाम कुंज में फिर उभरा बिल्डर–रेसिडेंट विवाद, पुलिस पर भी पक्षपात के आरोप !
सुरक्षा के मुद्दे पर थाने पहुंचे लोग
पुलिस चौकी पर भी गरमाया माहौल
NEWS1UP
एओए/आरडब्लूए डेस्क
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित पाम कुंज सोसाइटी के लगभग 100 निवासी मंगलवार को इंडस वैली बिल्डर के खिलाफ शिकायत लेकर नंदनगरी थाने पहुंचे। निवासियों का कहना है कि उनकी समस्या को थाने में धैर्यपूर्वक सुना गया, जिसके बाद उन्हें मोरटा पुलिस चौकी में जाकर अपनी बात रखने की सलाह दी गई।

इसके बाद बड़ी संख्या में निवासी, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं, मोरटा पुलिस चौकी पहुंचे और चौकी इंचार्ज से मुलाकात कर अपनी शिकायत रखी। निवासियों का आरोप है कि बातचीत के दौरान चौकी इंचार्ज ने बिल्डर का पक्ष लेते हुए उन्हें ही डराने की कोशिश की और उनके खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी।
स्थानीय लोगों के अनुसार विवाद उस समय और बढ़ गया जब सोसाइटी के मुख्य गेट पर सुरक्षा की मांग को लेकर लगाए गए बैनरों को पुलिस द्वारा हटवा दिया गया। निवासियों का कहना है कि यह बैनर केवल सोसाइटी की सुरक्षा को लेकर जागरूकता और मांग के उद्देश्य से लगाए गए थे।

दरअसल, पाम कुंज सोसाइटी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है। बीते वर्ष नवंबर–दिसंबर में भी निवासियों ने सुरक्षा संबंधी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया था। उस समय गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के हस्तक्षेप और आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ था।
सोसाइटी निवासी राकेश कौल गोरखा का आरोप है कि बिल्डर द्वारा कैंपस के अंदर बनाए गए कमर्शियल एरिया के लिए भी रेसिडेंट्स के प्रवेश और निकास गेट का ही इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका कहना है कि सोसाइटी में रहने वाले लोगों से सुरक्षा गार्ड कड़ी पूछताछ के बाद ही प्रवेश देते हैं, जबकि कमर्शियल गतिविधियों के लिए आने-जाने वाले बाहरी लोगों की कोई विशेष जांच नहीं की जाती। इससे सोसाइटी की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है।
निवासियों का यह भी कहना है कि जब बिल्डर ने उन्हें यहां विला बेचे थे, उस समय किसी भी प्रकार के कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का उल्लेख नहीं किया गया था। उनका मानना है कि कमर्शियल क्षेत्र के लिए अलग प्रवेश और निकास द्वार बनाया जाना चाहिए और रेसिडेंट्स के गेट से बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगनी चाहिए।
इसके अलावा कुछ निवासियों ने बिल्डर की मेंटेनेंस टीम पर भी उन्हें धमकाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर से मिलकर बिल्डर और संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे।
