खोड़ा की दर्दनाक घटना से सबक: ब्रेव हार्ट्स सोसायटी में फायर सेफ्टी उपकरणों की विशेष जांच
गर्मी से पहले सुरक्षा बढ़ाने की तैयारी
NEWS1UP
एओए/आरडब्लूए डेस्क
गाजियाबाद। खोड़ा कॉलोनी के संगम विहार/बीरबल नगर में 3–4 मार्च की रात शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग में दंपत्ति की दर्दनाक मौत की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। इस हादसे ने एक बार फिर बहुमंजिला इमारतों और हाउसिंग सोसायटियों में फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इसी घटना से सबक लेते हुए राजनगर एक्सटेंशन की ब्रेव हार्ट्स सोसायटी एओए प्रबंध समिति ने मेंटिनेंस विभाग के साथ मिलकर सोसायटी परिसर में लगे फायर सेफ्टी उपकरणों की विशेष जांच कराई। इस दौरान सभी ब्लॉकों में फायर एक्सटिंग्विशर, फायर हाइड्रेंट, अलार्म सिस्टम और आपातकालीन सुरक्षा उपकरणों की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया गया, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना की स्थिति में तुरंत प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

सोसायटी AOA अध्यक्ष लवीश त्यागी ने कहा कि खोड़ा कॉलोनी की घटना बेहद दुखद है और ऐसी घटनाएं पूरे समाज को सतर्क करने का काम करती हैं।
उन्होंने कहा-

“हमारी प्राथमिकता सोसायटी के हर निवासी की सुरक्षा है। इसी को ध्यान में रखते हुए फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच कराई गई है और जहां भी कमी होगी, उसे तुरंत दुरुस्त किया जाएगा। आने वाले गर्मी के मौसम में बिजली के लोड बढ़ने के कारण शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं की आशंका रहती है, इसलिए अतिरिक्त सावधानियां भी बरती जाएंगी।”
कई सोसायटियों में फायर सेफ्टी केवल कागजों तक सीमित
जानकारों का कहना है कि जिले की कई हाउसिंग सोसायटियों में फायर सेफ्टी व्यवस्था बेहद लचर है। कई जगहों पर फायर एक्सटिंग्विशर जंग खाकर बेकार हो चुके हैं, जबकि कुछ सोसायटियों में तो फायर सेफ्टी सिस्टम केवल औपचारिकता बनकर रह गया है। इतना ही नहीं, कई इमारतें ऐसी भी हैं जहां अब तक फायर विभाग से एनओसी (NOC) तक नहीं ली गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते फायर सेफ्टी उपकरणों की नियमित जांच और रखरखाव न किया जाए तो किसी भी आपात स्थिति में ये उपकरण बेकार साबित हो सकते हैं, जिससे बड़ा हादसा होने का खतरा बना रहता है।
जागरूकता और नियमित जांच की जरूरत
सामाजिक कार्यकर्त्ता दीपांशु मित्तल का कहना है कि फायर सेफ्टी केवल उपकरण लगाने भर से सुनिश्चित नहीं होती, बल्कि उसकी नियमित जांच और निवासियों में जागरूकता भी उतनी ही जरूरी है। इसी उद्देश्य से सोसायटी में समय-समय पर फायर सेफ्टी ड्रिल और सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित करने की योजना बनाई जा रही है।
