जेवर एयरपोर्ट को मिली बड़ी सुरक्षा मंजूरी, अब कभी भी शुरू हो सकती हैं उड़ानें !
बीसीएएस से सिक्योरिटी वेटिंग क्लीयरेंस मिला
डीजीसीए लाइसेंस के बाद शुरू होंगे फ्लाइट ऑपरेशन
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
लखनऊ/नोएडा। उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी परियोजना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को एक बड़ी प्रशासनिक और सुरक्षा मंजूरी मिल गई है। एयरपोर्ट को ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) की ओर से सिक्योरिटी वेटिंग क्लीयरेंस प्रदान कर दिया गया है। इस महत्वपूर्ण मंजूरी के बाद अब एयरपोर्ट से उड़ानों की शुरुआत का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा मंजूरी मिलने के बाद अब अगला चरण डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) से एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त करना है। जैसे ही यह लाइसेंस जारी होगा, जेवर एयरपोर्ट से व्यावसायिक उड़ानों का संचालन शुरू किया जा सकेगा।
सुरक्षा मानकों की हुई गहन जांच

यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि किसी भी एयरपोर्ट से उड़ान संचालन शुरू होने से पहले उसकी सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जांच की जाती है। इसी प्रक्रिया के तहत BCAS की विशेषज्ञ टीम ने एयरपोर्ट का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान एयरपोर्ट की सर्विलांस सिस्टम, एक्सेस कंट्रोल, यात्रियों और कार्गो की जांच व्यवस्था, सुरक्षा उपकरण और निगरानी तंत्र का बारीकी से परीक्षण किया गया। सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए जाने के बाद ही एयरपोर्ट को सिक्योरिटी वेटिंग क्लीयरेंस दिया गया।
डीजीसीए लाइसेंस के बाद उड़ानें शुरू
सिक्योरिटी क्लीयरेंस मिलने का मतलब है कि एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था उड़ानों के संचालन के लिए सुरक्षित मानी गई है। अब DGCA द्वारा एयरोड्रम लाइसेंस जारी होने के बाद यहां से नियमित फ्लाइट ऑपरेशन शुरू हो सकेंगे।
प्रदेश सरकार इस परियोजना को लेकर लगातार मॉनिटरिंग कर रही है और तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
एनसीआर का बड़ा एविएशन हब बनेगा जेवर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकसित हो रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए एक बड़ा एविएशन हब बनने जा रहा है। सरकार का मानना है कि एयरपोर्ट शुरू होने के बाद प्रदेश में निवेश, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स और व्यापार को नई गति मिलेगी। साथ ही इस परियोजना से हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा मिलेगा।
एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में होगा शामिल
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को कई चरणों में विकसित किया जा रहा है। पूरी तरह विकसित होने के बाद यह देश ही नहीं बल्कि एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल होगा। इसकी क्षमता हर साल करोड़ों यात्रियों को संभालने की होगी।
सरकार का लक्ष्य जल्द से जल्द एयरपोर्ट को पूरी तरह तैयार कर उसका भव्य उद्घाटन कराना है, ताकि उत्तर प्रदेश सीधे वैश्विक एविएशन नेटवर्क से जुड़ सके।
