योगी आदित्यनाथ को सौंपा गया नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का एयरोड्रम लाइसेंस !
उद्घाटन की तैयारी तेज
सुरक्षा मंजूरी के बाद शुरू होंगी वाणिज्यिक उड़ानें
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बहुप्रतीक्षित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। एयरपोर्ट प्रबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर भारत सरकार द्वारा जारी एयरोड्रम लाइसेंस की प्रति उन्हें औपचारिक रूप से सौंप दी। इसके साथ ही जेवर स्थित इस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन और वाणिज्यिक उड़ानों की शुरुआत की प्रक्रिया तेज हो गई है।
मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात के दौरान एयरपोर्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस्टोफ श्नेलमैन समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने परियोजना की प्रगति और आगामी चरणों की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद अब एयरपोर्ट के संचालन से जुड़ी अंतिम नियामकीय प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।

सुरक्षा मंजूरी का इंतजार
एयरपोर्ट प्रबंधन के अनुसार फिलहाल एयरपोर्ट का एयरोड्रम सिक्योरिटी प्रोग्राम ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (Bureau of Civil Aviation Security) के पास समीक्षा के लिए लंबित है। सुरक्षा से संबंधित यह मंजूरी मिलते ही संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर एयरपोर्ट के उद्घाटन और वाणिज्यिक संचालन की तिथि तय कर दी जाएगी।
चार चरणों में विकसित होगा एयरपोर्ट
गौतमबुद्ध नगर के जेवर क्षेत्र में विकसित हो रहा Noida International Airport राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। इसे चार चरणों में विकसित किया जा रहा है।
पहला चरण: एक रनवे और एक यात्री टर्मिनल भवन
क्षमता: प्रतिवर्ष लगभग 1.2 करोड़ यात्री
दूसरा चरण: क्षमता बढ़कर 3 करोड़ यात्रियों तक
तीसरा और चौथा चरण: कुल क्षमता 7 करोड़ यात्रियों तक पहुंचाने का लक्ष्य
पहले चरण में लगभग 1.38 लाख वर्गमीटर क्षेत्रफल में टर्मिनल भवन बनाया गया है, जिसमें 48 चेक-इन काउंटर, 9 सुरक्षा जांच लेन और 9 इमिग्रेशन काउंटर की व्यवस्था की गई है। यात्रियों की सुविधा के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय लाउंज भी विकसित किए जा रहे हैं।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा एयरपोर्ट
एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुविधा के लिए अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसमें डिजी यात्रा (DigiYatra) आधारित बायोमेट्रिक प्रणाली, सेल्फ बैगेज ड्रॉप, डिजिटल पैसेंजर प्रोसेसिंग सिस्टम जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं शामिल होंगी। एयरपोर्ट पर 10 एयरोब्रिज और 28 विमान पार्किंग स्टैंड बनाए गए हैं तथा रनवे पर प्रति घंटे लगभग 30 उड़ानों के संचालन की क्षमता विकसित की गई है।
कार्गो और लॉजिस्टिक्स का भी बनेगा बड़ा केंद्र
एयरपोर्ट परिसर में आधुनिक कार्गो और लॉजिस्टिक्स हब भी तैयार किया जा रहा है। शुरुआती चरण में इसकी क्षमता लगभग 2.5 लाख टन कार्गो प्रतिवर्ष होगी, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 15 लाख टन तक करने की योजना है।
पर्यावरण अनुकूल विकास पर जोर
एयरपोर्ट को नेट-जीरो उत्सर्जन लक्ष्य के साथ विकसित किया जा रहा है। इसके तहत परिसर में सौर ऊर्जा संयंत्र, वर्षा जल संचयन प्रणाली और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन जैसी पर्यावरण अनुकूल सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।
एनसीआर की अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि Noida International Airport के शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर में हवाई यातायात का दबाव कम होगा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में निवेश, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
