गाजियाबाद। शास्त्री नगर सी-ब्लॉक में मंगलवार देर रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब घर के बाहर चार्जिंग पर लगी एक इलेक्ट्रिक कार अचानक आग का गोला बन गई। एमजी विंडसर कंपनी की यह कार शांत रात में चार्ज हो रही थी, लेकिन कुछ ही पलों में उससे उठता धुआं और फिर आग की लपटें पूरे मोहल्ले में दहशत फैलाने के लिए काफी थीं।
घटना के समय घर के सभी सदस्य गहरी नींद में थे। चार्जिंग प्वाइंट से सटे कमरे की खिड़की का शीशा तेज गर्मी के कारण अचानक चटक गया। कांच टूटने की तेज आवाज से घर के मालिक गिरीश कुमार की नींद खुली। जैसे ही उन्होंने बाहर झांककर देखा, कार पूरी तरह आग की चपेट में थी और पड़ोसी शोर मचाकर लोगों को जगा रहे थे।
आग इतनी तेजी से फैल रही थी कि कुछ ही मिनटों में हालात बेकाबू हो गए। घबराए गिरीश कुमार ने बिना वक्त गंवाए परिवार के सभी सदस्यों को घर से बाहर निकाला। कुछ देर के लिए पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लोग नींद से उठकर सड़कों पर आ गए, कोई पानी ला रहा था तो कोई मदद के लिए चिल्ला रहा था।
करीब दस मिनट बाद आग ने और विकराल रूप ले लिया। लपटें घर तक पहुंच गईं और खिड़की के पास लगे विंडो एसी में हल्के धमाके के साथ आग लग गई। परिवार और पड़ोसियों ने मिलकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन इलेक्ट्रिक कार में आग बार-बार भड़क रही थी, जिससे हर प्रयास नाकाम होता दिखा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते आग को फैलने से रोक लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
इस भयावह घटना में राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन इलेक्ट्रिक कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई। घर को भी आंशिक नुकसान पहुंचा है।
यह हादसा एक बार फिर इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या घरेलू चार्जिंग प्वाइंट सुरक्षित हैं ? क्या कंपनियां और उपभोक्ता दोनों पर्याप्त सावधानी बरत रहे हैं ? शास्त्री नगर की यह घटना हर उस घर के लिए चेतावनी है, जहां रातभर चुपचाप चार्जिंग पर लगी गाड़ियां खड़ी हैं, क्योंकि एक छोटी सी चिंगारी, पूरे घर को खतरे में डाल सकती है।