दादरी में ‘जहरीले मोमोज’ का कहर: एक ही दुकान से खाने के बाद दर्जनभर लोग बीमार !

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एक प्लेट मोमोज बनी आफत! दादरी में हड़कंप

प्रशासन अलर्ट

NEWS1UP

संवाददाता

गौतमबुद्धनगर। ग्रेटर नोएडा के दादरी क्षेत्र से एक बार फिर स्ट्रीट फूड की लापरवाही का खौफनाक मामला सामने आया है, जहां मोमोज खाने के बाद करीब एक दर्जन लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी पीड़ितों को उल्टी, पेट दर्द, सिरदर्द और बुखार जैसी गंभीर शिकायतों के बाद तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

एक ही दुकान बनी बीमारी की वजह

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सभी बीमार लोगों ने दादरी नगर तहसील के पास स्थित एक ही दुकान से मोमोज खाए थे। इसके बाद एक-एक कर सभी की तबीयत बिगड़ने लगी। फिलहाल सभी का इलाज दादरी के सरकारी अस्पताल में जारी है और डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

ये लोग हुए बीमार

इस घटना में बीमार होने वालों में

अर्श खान (14 वर्ष)

हमजा (5 वर्ष)

आयशा खान (9 वर्ष)

आराम (10 वर्ष)

अरमान (15 वर्ष)

यासमीन (24 वर्ष)

नाजमीन (24 वर्ष)

मौसीना (29 वर्ष)

मिस्बा (11 वर्ष)

अंकित (22 वर्ष) शामिल हैं।

अन्य कुछ लोगों की पहचान भी की जा रही है।

दादरी में बढ़ते स्ट्रीट फूड ठेले, बन रहे खतरा

स्थानीय लोगों के अनुसार दादरी में बीते कुछ समय में स्ट्रीट फूड के ठेलों की संख्या तेजी से बढ़ी है। गली, नुक्कड़ और चौराहों पर जगह-जगह मोमोज, चाउमीन और अन्य फास्ट फूड के ठेले लगे हुए हैं। इन ठेलों के आसपास अक्सर गंदगी का अंबार लगा रहता है, न तो साफ पानी का इस्तेमाल होता है और न ही साफ-सफाई का कोई ध्यान रखा जाता है। खुले में रखी सामग्री, दूषित पानी और अस्वच्छ बर्तनों में तैयार भोजन लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है।

खाद्य विभाग हरकत में, सैंपल जांच शुरू

घटना की सूचना मिलते ही खाद्य सुरक्षा विभाग सक्रिय हो गया है। संबंधित दुकान से मोमोज के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि खाने में किस तरह की गड़बड़ी थी, खराब सामग्री, दूषित पानी या फिर साफ-सफाई की भारी अनदेखी।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

गौरतलब है कि ग्रेटर नोएडा में यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी अलग-अलग सोसाइटी में मोमोज खाने के बाद दर्जनों लोग बीमार पड़ चुके हैं। एक मामले में तो स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि कुछ लोगों को आईसीयू तक में भर्ती कराना पड़ा था।

इसी तरह ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेवियर ग्रीन आर्च मार्केट स्थित “मैडम मोमोज” रेस्त्रां पर भी खाद्य निरीक्षकों ने छापा मारकर पनीर और चिकन मोमोज के सैंपल लिए थे और अनियमितताएं मिलने पर दुकान को बंद करा दिया गया था।

गाजियाबाद में भी हो चुका है बड़ा हादसा

ऐसा ही एक गंभीर मामला गाजियाबाद में वर्ष 2018 में सामने आया था, जहां मोमोज खाने के बाद 35 लोग बीमार पड़ गए थे। इनमें 12 बच्चे भी शामिल थे। जांच में खुलासा हुआ था कि मोमोज बेहद गंदे और अस्वच्छ तरीके से तैयार किए गए थे। एक व्यक्ति को तो लीवर तक की समस्या हो गई थी। बाद में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।

क्या स्ट्रीट फूड बन रहा है ‘स्लो पॉयजन?

बार-बार सामने आ रहे इन मामलों ने एक गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है, क्या सस्ता और चटपटा स्ट्रीट फूड अब लोगों की सेहत के लिए ‘स्लो पॉयजन’ बनता जा रहा है ? स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बिना लाइसेंस, गंदे पानी और खराब सामग्री से बने खाद्य पदार्थ फूड पॉइजनिंग का बड़ा कारण बन रहे हैं।

NEWS1UP की अपील

खुले और अस्वच्छ स्थानों पर बिकने वाले खाद्य पदार्थों से बचें
साफ-सफाई और गुणवत्ता को प्राथमिकता दें
बच्चों को ऐसे खाद्य पदार्थों से दूर रखें

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