मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सम्मानित होने वाली हस्तियों का कार्य केवल व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश और प्रदेश को विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि “नींव के पत्थरों को ढूंढकर उन्हें सम्मानित करना किसी भी समाज के लिए गर्व का क्षण होता है।”
पद्म सम्मानित विभूतियों को मिला सम्मान

मुख्यमंत्री ने पद्म पुरस्कार प्राप्त विभूतियों को सम्मानित किया। सीएम के हाथों मंच पर साहित्यकार विद्या बिंदु सिंह, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पं. हदय नारायण दीक्षित (उनके पुत्रों अरुण दीक्षित व दिलीप दीक्षित ने ग्रहण किया), प्रो. सोनिया नित्यानंद (कुलपति केजीएमयू), मालिनी अवस्थी (लोकगायिका), अरुणिमा सिन्हा (दिव्यांग पर्वतारोही), डॉ. अनिल रस्तोगी (रंगमंच), रामशरण वर्मा (प्रगतिशील किसान), डॉ. सुनील प्रधान (चिकित्सक), डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. केके ठकराल, प्रो. नवजीवन रस्तोगी, प्रो. शादाब मोहम्मद, सुधा सिंह (खेल), एसएस सरकार (पुरस्कार प्रमोद मिश्र ने प्राप्त किया) को सम्मान मिला।
इन सभी हस्तियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर उत्तर प्रदेश और देश का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे लोग समाज के लिए प्रेरणा स्त्रोत होते हैं और नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं।

आकाशवाणी के “नींव के पत्थरों” को भी सम्मान
कार्यक्रम में आकाशवाणी के उन वरिष्ठ लोक सेवा प्रसारकों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने वर्षों तक अपनी सेवाओं से प्रसारण जगत को मजबूती दी। इनमें सुशील रॉबर्ट बनर्जी, सतीश कुमार ग्रोवर, यज्ञदेव पंडित, विजय कुमार बनर्जी, रज्जन लाल, नवनीत मिश्र, भोलानाथ और केवल कुमार शामिल रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आकाशवाणी जैसे संस्थान की सफलता केवल तकनीक या संरचना से नहीं, बल्कि उसके पीछे कार्य करने वाले समर्पित लोगों से तय होती है। उन्होंने इन प्रसारकों को “संस्था की असली ताकत” बताया।
गौरव और प्रेरणा का संगम
आकाशवाणी लखनऊ का 89वां स्थापना दिवस समारोह सम्मान, प्रेरणा और कृतज्ञता का अनूठा संगम बना। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि समाज के हर क्षेत्र में योगदान देने वाले व्यक्तियों को पहचान और सम्मान देना ही सशक्त और विकसित भारत की नींव है।