कुत्ते की एक खरोंच… और 6 महीने बाद 9 साल की बच्ची की रेबीज से मौत !
इलाज अधूरा छोड़ना पड़ा भारी
NEWS1UP
विशेष संवाददाता
मुंबई। महानगर से सटे नालासोपारा इलाके में एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां कुत्ते के नाखून की हल्की खरोंच एक मासूम की जान ले गई। 9 वर्षीय कशिश सहानी, जो चौथी कक्षा की छात्रा थी, की मौत रेबीज संक्रमण के कारण हो गई।
जानकारी के अनुसार, करीब छह महीने पहले कशिश अपने दादा के साथ जा रही थी, तभी एक आवारा कुत्ते के नाखून से उसके हाथ पर खरोंच लग गई। अगले दिन परिजन उसे अस्पताल ले गए, लेकिन इंजेक्शन के डर से बच्ची का एंटी-रेबीज टीकाकरण पूरा नहीं हो सका।
घाव जल्दी भर जाने के बाद परिवार ने इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज कर दिया, जो बाद में घातक साबित हुआ।
अचानक बिगड़ी तबीयत, सामने आए खतरनाक लक्षण
करीब छह महीने बाद कशिश की तबीयत अचानक खराब होने लगी। उसने खाना-पीना छोड़ दिया और उसकी आंखों में लाली दिखाई देने लगी। स्थिति गंभीर होते ही परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां से उसे मुंबई के कस्तूरबा अस्पताल रेफर किया गया।
डॉक्टरों की कोशिश नाकाम, रेबीज बना मौत की वजह
कस्तूरबा अस्पताल में डॉक्टरों ने बच्ची को बचाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। मेडिकल रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि मौत का कारण रेबीज संक्रमण था। विशेषज्ञों का कहना है कि रेबीज के लक्षण एक बार प्रकट हो जाएं, तो मरीज को बचाना लगभग असंभव हो जाता है।
खरोंच भी उतनी ही खतरनाक जितना काटना
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि कुत्ते या बिल्ली के काटने के साथ-साथ उनके नाखून की खरोंच भी संक्रमण का कारण बन सकती है। ऐसे मामलों में जरा भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
प्रशासन अलर्ट, संपर्क में आए लोगों की जांच
घटना के बाद नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। मृतक बच्ची के संपर्क में आए परिजनों और आसपास के लोगों की चिकित्सा जांच कराई जा रही है, ताकि संक्रमण के खतरे को रोका जा सके।
तुरंत इलाज ही बचाव
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी खरोंच या काटने को नजरअंदाज न करें, तुरंत साबुन-पानी से घाव साफ करें। बिना देरी एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाएं और टीकाकरण का पूरा कोर्स अवश्य पूरा करें।
