लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई राज्य कैबिनेट बैठक में उ0प्र0 राजस्व संहिता, 2006 की धारा-80 में संशोधन हेतु अध्यादेश-2026 को मंजूरी दे दी गई। इस निर्णय के साथ ही प्रदेश में भूमि उपयोग परिवर्तन (लैंड यूज) की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए बड़ी प्रशासनिक राहत दी गई है।
नई व्यवस्था के अनुसार, विकास प्राधिकरण, औद्योगिक विकास प्राधिकरण, विनियमित क्षेत्रों तथा उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद के अधीन आने वाले क्षेत्रों में अब अलग से लैंड यूज परिवर्तन कराने की आवश्यकता नहीं होगी। यदि किसी भूखंड का नक्शा संबंधित प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत कर दिया जाता है, तो उसे स्वतः ही गैर-कृषि उपयोग के लिए मान्य माना जाएगा।
अब तक प्रचलित व्यवस्था में भू-स्वामियों एवं निवेशकों को पहले कृषि भूमि का उपयोग परिवर्तन कराना पड़ता था और उसके बाद निर्माण के लिए नक्शा स्वीकृत कराना होता था। इस दोहरी प्रक्रिया के कारण समय, धन और प्रशासनिक संसाधनों की अतिरिक्त खपत होती थी।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि संशोधित प्रावधानों के तहत नक्शा स्वीकृति की प्रक्रिया में ही भूमि उपयोग से संबंधित सभी औपचारिकताओं को समाहित कर दिया गया है। इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और सुगम होगी।
सरकार का मानना है कि इस सुधार से प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में तेजी आएगी। साथ ही, रियल एस्टेट क्षेत्र को भी इससे गति मिलने की संभावना है। प्रशासनिक स्तर पर यह कदम ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।