गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित SCC सफायर सोसाइटी में कल एओए (अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन) की नई कार्यकारिणी के गठन के लिए मतदान होगा। चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है, जहां तीन अलग-अलग पैनलों से कुल 30 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं, मतदान से ठीक पहले चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों ने माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
सोसाइटी में सक्रिय टीम सक्षम, टीम प्रगति और टीम संकल्प के बीच सीधा मुकाबला है।
टीम सक्षम से भगवान सिंह, संदीप तोमर, मोहित गुप्ता, राजेश कुमार राय, रंजीत सिंह, उषा भाटी, नीना सहगल, चंद्रमोहन कुमार, धीरेन्द्र कुमार और अनुज कौशिक मैदान में हैं।
टीम प्रगति ने पंकज कुमार बालियान, मनीष कुमार शर्मा, योगेश शर्मा, प्रभाष कुमार, पवन शर्मा, ईशु चौधरी, राहुल जायसवाल, अविनाश कुमार, गुरमीत कौर और मृत्युंजय झा को उम्मीदवार बनाया है।
टीम संकल्प की ओर से कुश त्यागी, रंजन गुप्ता, किशन कुमार शिसोदिया, कृष्ण मोहन राय, सुंदरी मलिक, कल्पना राघव, निधि सिंह, जतिन कपूर, सुनील सोनिक शर्मा और निशा सक्सेना चुनावी मैदान में हैं।
शाम तक आएंगे नतीजे
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार, मतदान प्रक्रिया आज संपन्न होने के बाद देर शाम तक परिणाम घोषित किए जाने की संभावना है। सोसाइटी के हजारों निवासियों की नजरें इस चुनाव पर टिकी हुई हैं, क्योंकि नई कार्यकारिणी से विकास कार्यों और पारदर्शिता को लेकर बड़ी उम्मीदें जुड़ी हैं।
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मतदान से पहले विवाद ने पकड़ा तूल
चुनाव से ठीक पहले विवाद ने चुनावी माहौल को गर्मा दिया है। करीब आधा दर्जन निवासियों ने जिलाधिकारी (DM) और डिप्टी रजिस्ट्रार को शिकायत पत्र भेजकर निर्वाचन अधिकारी के फैसलों पर सवाल खड़े किए हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि कुछ ऐसे लोगों के वोट बनाए गए हैं, जिन्होंने अभी तक अपने फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं कराई है और केवल पजेशन लेटर के आधार पर उन्हें मतदान का अधिकार दे दिया गया है।
निवासियों का कहना है कि यह निर्णय न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि इससे चुनाव की निष्पक्षता भी प्रभावित हो सकती है। उनका आरोप है कि अगर ऐसे वोटों को मान्यता दी गई, तो यह पूरे चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकता है।
अब फैसला मतदाताओं के हाथ में
तीनों पैनल अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन अंतिम फैसला आज मतदान के जरिए सोसाइटी के मतदाता ही करेंगे। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि SCC सफायर की कमान किस टीम के हाथ में जाती है।