35 दिन में ही मिलेगा LPG सिलेंडर ? वायरल दावा निकला फेक, सरकार ने बताया पूरा सच !

0

Ai image

0
0

पूरी तरह भ्रामक हैं बदलाव की खबरें: पेट्रोलियम मंत्रालय

NEWS1UP

संवाददाता

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। देश के कई हिस्सों से घरेलू LPG गैस सिलेंडर की किल्लत और बुकिंग में देरी की शिकायतें सामने आ रही हैं। हालात ऐसे हैं कि कुछ शहरों में रेस्टोरेंट और ढाबों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है, जबकि आम उपभोक्ता गैस सिलेंडर की समय पर डिलीवरी न मिलने से परेशान हैं।

इसी बीच सोशल मीडिया और कुछ प्लेटफॉर्म्स पर यह दावा तेजी से वायरल हुआ कि सरकार ने LPG सिलेंडर बुकिंग के नियमों में बदलाव करते हुए बुकिंग का समय बढ़ा दिया है। हालांकि, सरकार ने इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है।

PIB ने किया बड़ा खुलासा, अफवाहों पर लगाई रोक

सरकार की ओर से प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो  (PIB) ने साफ किया है कि LPG बुकिंग नियमों में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है। PIB ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X  पर पोस्ट करते हुए कहा कि जो खबरें चलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह भ्रामक हैं।

क्या हैं मौजूदा नियम ?

सरकार के मुताबिक, LPG सिलेंडर बुकिंग के नियम पहले जैसे ही लागू हैं

शहरी क्षेत्रों में एक सिलेंडर लेने के बाद अगली बुकिंग के लिए 25 दिन का अंतराल अनिवार्य है।

ग्रामीण क्षेत्रों में यह अंतराल 45 दिन तय किया गया है।

गांवों में यह नियम सभी उपभोक्ताओं पर समान रूप से लागू होगा, चाहे उनके पास सिंगल सिलेंडर कनेक्शन हो या डबल।

14 किलो से 10 किलो सिलेंडर की खबर भी निकली झूठी

इसी दौरान एक और बड़ी अफवाह सामने आई कि सरकार 14.2 किलो के घरेलू LPG सिलेंडर को घटाकर 10 किलो करने जा रही है। इस पर पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कड़ा खंडन किया है। मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने स्पष्ट कहा कि ऐसी कोई योजना नहीं है। उन्होंने इन खबरों को “पूरी तरह अनुमान पर आधारित” बताते हुए जनता से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें।

सप्लाई बनाए रखना और अवैध कारोबार पर रोक

मंत्रालय के अनुसार, सरकार का मुख्य ध्यान इस समय LPG की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने और गैस के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने पर है। सिलेंडर के वजन में बदलाव जैसी कोई नीति फिलहाल विचाराधीन नहीं है।

जमीनी हकीकत: आम जनता परेशान

हालांकि, सरकार के स्पष्टीकरण के बावजूद जमीनी स्तर पर उपभोक्ताओं की समस्याएं बनी हुई हैं। कई इलाकों में गैस एजेंसियों पर लंबी प्रतीक्षा सूची, समय पर डिलीवरी में देरी और बुकिंग सिस्टम में तकनीकी दिक्कतें जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!