गाजियाबाद में हाउस टैक्स विवाद: आधे सिर का मुंडन कर प्रशासन को आईना दिखाएंगे व्यापारी !
अत्यधिक गृहकर बढ़ोतरी के विरोध में ‘बुद्धि-शुद्धि यज्ञ’ का ऐलान
NEWS1UP
संवाददाता
गाज़ियाबाद। शहर में गृहकर को लेकर सुलग रहा विवाद अब विस्फोटक मोड़ पर पहुंच गया है। ज्ञापन, धरना और आमरण अनशन के बाद अब विरोध की नई तस्वीर सामने आई है, “बुद्धि-शुद्धि यज्ञ” और “सांकेतिक मुंडन”।
यह सिर्फ प्रदर्शन नहीं, बल्कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।
यज्ञ के बहाने प्रशासन पर सीधा वार
गाज़ियाबाद उद्योग व्यापार मंडल समिति के अध्यक्ष अवधेश शर्मा ने जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में 18 अप्रैल को डॉ. अंबेडकर पार्क, नवयुग मार्केट में इस अनोखे विरोध कार्यक्रम की अनुमति मांगी है। ज्ञापन में साफ शब्दों में लिखा गया है कि यह “बुद्धि-शुद्धि यज्ञ” जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की संवेदनहीनता के खिलाफ एक प्रतीकात्मक चेतावनी है।
“अगर फैसले नहीं बदलेंगे, तो सोच बदलवाने के लिए यज्ञ होगा !”
‘आधा मुंडन’ बनेगा विरोध का हथियार
इस आंदोलन का सबसे चौंकाने वाला और आक्रामक पहलू है, सांकेतिक मुंडन प्रदर्शनकारी आधे सिर का मुंडन कराएंगे यह “आधे-अधूरे फैसलों” और “अधूरी सुनवाई” का प्रतीक बताया गया है
अवधेश शर्मा के अनुसार-
“यह कदम प्रशासन की चेतना को झकझोरने के लिए है”
यह विरोध सीधे-सीधे प्रशासन की नीतियों का सार्वजनिक मज़ाक और विरोध बन सकता है।
अनशन के बाद भी नहीं बदली तस्वीर

अवधेश शर्मा पहले ही आमरण अनशन कर चुके हैं, इसके बावजूद गृहकर विवाद जस का तस बना हुआ है। यहाँ यह सवाल उठना लाजमी है कि क्या प्रशासन जानबूझकर टकराव की स्थिति बना रहा है ?
महापौर के दावे बनाम जमीनी हकीकत
एक ओर महापौर सुनीता दयाल लगातार कह रही हैं कि-
“पुरानी दरों पर ही टैक्स लिया जाएगा”
लेकिन दूसरी ओर लोगों को बढ़ी हुई दरों पर नोटिस मिल रहे हैं। कोई स्पष्ट लिखित आदेश अभी तक सामने नहीं आया है।
बयान कुछ और, बिल कुछ और !
जनता का सीधा सवाल है कि अगर टैक्स नहीं बढ़ा तो बढ़ी दरों पर नोटिस क्यों ? लिखित आदेश क्यों नहीं जारी किया जा रहा ? क्या अंदरखाने नई दरें लागू कर दी गई हैं ? यह वही सवाल हैं जो अब सड़कों पर उतरने वाले हैं।
