औरा कायमेरा में खेल बड़ा है! मेंटेनेंस, चुनाव और नियमों पर डीआर का नोटिस
बिना चुनाव चल रही सोसाइटी!
रजिस्ट्रार ने मांगा जवाब
NEWS1UP
एओए/आरडब्ल्यूए डेस्क
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की आवासीय सोसाइटियों में सुशासन और पारदर्शिता की बहस के बीच औरा कायमेरा सोसाइटी एक बार फिर सुर्खियों में है। डिप्टी रजिस्ट्रार, फर्म्स, सोसायटीज एवं चिट्स द्वारा जारी सख्त नोटिस ने सोसाइटी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
माना जा रहा है कि नोटिस न केवल प्रशासनिक सख्ती का संकेत है, बल्कि सोसाइटी के भीतर लंबे समय से उठ रही आशंकाओं को भी स्वर देता नजर आ रहा है।
मामले की परतें
शिकायत के अनुसार, वर्ष 2023 में सोसाइटी में एओए (AOA) चुनाव कराए गए थे। उस समय बिल्डर द्वारा मेंटेनेंस से जुड़ी जिम्मेदारियों का एक हिस्सा भी सौंपा गया। धीरे-धीरे करीब 320 निवासियों से मेंटेनेंस शुल्क एकत्रित किया गया, लेकिन इस धनराशि के उपयोग और लेखे-जोखे को लेकर पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे।
इसके बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ लिया जून 2024 में बिना आमसभा की अनुमति के मेंटेनेंस का हेंडओवर ले लिया गया, जो सोसाइटी उपविधियों के विपरीत माना जा रहा है। इतना ही नहीं, जून 2024 से मार्च 2026 तक की मेंटेनेंस सूची सार्वजनिक नहीं की गई, जिससे निवासियों के बीच असंतोष और गहरा गया।
चुनाव क्यों नहीं ?
मामले का सबसे संवेदनशील पहलू यह है कि-
“वर्ष 2023 के बाद अब तक सोसाइटी में कोई चुनाव नहीं कराया गया”
जबकि मॉडल बायलॉज के अनुसार नियमित अंतराल पर चुनाव आवश्यक होते हैं। चुनाव न होना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे प्रबंधन की वैधता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रशासन का कड़ा संदेश

डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी आरोपों पर साक्ष्यों सहित 15 दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत किया जाए। ह स्पष्ट किया जाए कि चुनाव कब होने थे और क्यों नहीं कराए गए।और मेंटेनेंस हेंडओवर और धनराशि का पूरा वित्तीय विवरण प्रस्तुत किया जाए
निवासियों में हलचल
नोटिस के बाद सोसाइटी के निवासियों में हलचल तेज हो गई है।
कई लोगों का कहना है कि-
“मेंटेनेंस के नाम पर लगातार राशि ली गई, लेकिन उसके उपयोग का स्पष्ट हिसाब कभी सामने नहीं आया।”
निवासी अब पारदर्शिता, नियमित चुनाव और जवाबदेही की मांग को लेकर खुलकर सामने आने लगे हैं।
अब सबकी निगाहें सोसाइटी प्रबंधन के जवाब पर टिकी हैं। यदि निर्धारित समयसीमा में संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया, तो प्रशासन द्वारा कठोर कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
