बालमुकुंदा रेजिडेंसी में चुनाव ‘मैनेज’ हो रहा है ? तीसरी बार स्थगन से उठे गंभीर सवाल !
मतदान से 20 घंटे पहले फैसला
अधिकारी बोले 26 या 29 मार्च को चुनाव
निवासी बोले ‘सुनियोजित देरी‘
NEWS1UP
एओए/आरडब्ल्यूए डेस्क
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित बालमुकुंदा रेजिडेंसी सोसाइटी में AOA (अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन) चुनाव को लेकर जारी विवाद के बीच एक बार फिर चुनाव बिना अगली तिथि घोषित किए स्थगित कर दिया गया है। लगातार टल रही चुनाव प्रक्रिया और अनिश्चितता ने सोसाइटी के निवासियों में नाराजगी और अविश्वास को और गहरा कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, प्रशासन द्वारा नामित चुनाव अधिकारी ज्ञानेंद्र मिश्रा (जिला मलेरिया अधिकारी) ने पहले 15 मार्च को मतदान की तिथि तय की थी, जिसे बाद में स्थगित कर 22 मार्च किया गया। हालांकि, अब मतदान से ठीक एक दिन पहले 22 मार्च को होने वाला चुनाव भी अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया है, जिससे निवासियों में सवाल खड़े हो गए हैं।
चुनाव अधिकारी ज्ञानेंद्र मिश्रा का कहना है कि कालातीत बोर्ड पदाधिकारियों द्वारा कुछ आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं, जिनके निस्तारण में समय लगने के कारण चुनाव स्थगित करना पड़ा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आगामी सोमवार को चुनाव का नया शेड्यूल जारी कर दिया जाएगा और 26 अथवा 29 मार्च को चुनाव संपन्न करा दिए जाएंगे, ताकि प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जा सके।
वहीं, सोसाइटी के कई निवासी इसे एक सुनियोजित रणनीति बता रहे हैं। उनका आरोप है कि कालातीत बोर्ड और चुनाव अधिकारी मिलकर जानबूझकर चुनाव प्रक्रिया को लंबा खींच रहे हैं, ताकि मौजूदा व्यवस्था को बनाए रखा जा सके।
पूर्व पदाधिकारियों की प्रतिक्रिया
पूर्व AOA अध्यक्ष अर्जेश चौधरी ने इस पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताते हुए कहा-

“बार-बार चुनाव स्थगित होना न सिर्फ लोकतांत्रिक प्रक्रिया का मजाक है, बल्कि निवासियों के अधिकारों का भी हनन है। प्रशासन को तुरंत स्पष्ट और अंतिम तिथि घोषित करनी चाहिए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।”
पूर्व बोर्ड मेंबर रोहित दीक्षित का कहना है कि-

“आपत्तियां हर चुनाव में आती हैं, लेकिन उन्हें आधार बनाकर चुनाव टालना उचित नहीं है। इससे यह संदेह पैदा होता है कि कहीं न कहीं प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन को समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए।”
वहीं, पूर्व अध्यक्ष शोभित मित्तल ने भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा-

“निवासी लंबे समय से एक वैध और चुनी हुई AOA की प्रतीक्षा कर रहे हैं। लगातार देरी से सोसाइटी के विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। यह जरूरी है कि चुनाव निष्पक्ष और तय समयसीमा में कराए जाएं।”
सोशल मीडिया पर भी गूंज रहा मुद्दा
इस बीच, सोसाइटी के व्हाट्सएप ग्रुप में चुनाव स्थगन को लेकर साझा किए जा रहे संदेश भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। चुनाव टालने की सूचना के तुरंत बाद त्योहार की शुभकामनाओं वाले संदेशों को कई निवासी ‘सरकास्टिक’ बता रहे हैं और इसे स्थिति की गंभीरता से ध्यान भटकाने की कोशिश मान रहे हैं।
