गलगोटिया यूनिवर्सिटी में ‘फ्रेंडशिप’ बनी फाइट! छात्राओं की सरेआम मारपीट का VIDEO वायरल
Ai image
मोटी फीस के बावजूद सुरक्षा नदारद
झगड़ा रोकने के बजाय VIDEO बनाते रहे छात्र
NEWS1UP
संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। गलगोटिया यूनिवर्सिटी परिसर में दो छात्राओं के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। निजी संबंधों को लेकर शुरू हुआ झगड़ा देखते ही देखते हाथापाई में बदल गया। घटना के दौरान दोनों छात्राएं एक-दूसरे के बाल खींचती और थप्पड़ मारती नजर आईं। यह पूरा घटनाक्रम कैंपस में मौजूद अन्य छात्रों के सामने हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मौके पर बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी झगड़ा शांत कराने की कोशिश नहीं की। उल्टा कई छात्र पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाते रहे। कुछ छात्रों के हूटिंग करने की भी बात सामने आई है, जिसे लेकर अब सामाजिक संवेदनाओं पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

मोटी फीस के बावजूद सुरक्षा पर सवाल
घटना के बाद अभिभावकों में आक्रोश देखा जा रहा है। उनका कहना है कि निजी विश्वविद्यालयों में भारी-भरकम फीस देने के बावजूद यदि छात्रों को सुरक्षित वातावरण नहीं मिल पा रहा, तो यह चिंता का विषय है। कैंपस के भीतर इस तरह की घटनाएं यह संकेत देती हैं कि सुरक्षा और अनुशासन को लेकर व्यवस्थाएं पर्याप्त प्रभावी नहीं हैं।
यह भी सवाल उठ रहा है कि यदि समय रहते किसी जिम्मेदार व्यक्ति ने हस्तक्षेप किया होता, तो स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सकता था। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन की सतर्कता और जिम्मेदारी दोनों पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।
वीडियो वायरल, प्रशासन की चुप्पी
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन की यह चुप्पी भी कई तरह की आशंकाओं को जन्म दे रही है।
शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई: पुलिस
दनकौर कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जानकारी संज्ञान में आई है, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और मामले की जांच की जा रही है।
संवेदनहीनता पर भी उठे सवाल
इस घटना का एक पहलू यह भी है कि मौके पर मौजूद छात्र-छात्राएं मदद के बजाय वीडियो बनाने में व्यस्त रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की प्रवृत्ति समाज में बढ़ती संवेदनहीनता का संकेत है, जहां लोग जिम्मेदारी निभाने के बजाय तमाशबीन बनना अधिक आसान समझते हैं।
