पंचशील ग्रीन-1 की रजिस्ट्री का रास्ता साफ, हाईकोर्ट ने प्राधिकरण को दिए 90 दिन

0
12
0

AOA में अधिकार से वंचित थे निवासी

सौतेले व्यवहार’ से परेशान निवासियों को मिला इंसाफ

NEWS1UP

संवाददाता

ग्रेटर नोएडा वेस्ट। लंबे समय से रजिस्ट्री के इंतजार में बैठे पंचशील ग्रीन-1 सोसाइटी के दो टावर F1 और F2 के निवासियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। उच्च न्यायालय ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को स्पष्ट निर्देश देते हुए 90 दिनों के भीतर लंबित रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया है।

पंचशील ग्रीन-1, जिसमें कुल 18 टावर हैं, पहले से ही 16 टावरों के फ्लैट खरीदारों को रजिस्ट्री का लाभ मिल चुका है। लेकिन F1 और F2 टावर के सैकड़ों फ्लैट मालिक पिछले लगभग 6 वर्षों से बिल्डर और प्राधिकरण के बीच चली आ रही खींचतान के चलते अपने अधिकार से वंचित थे।

इस मुद्दे को लेकर निवासियों ने नेफोमा (NEFOMA) के मुख्य सलाहकार दीपक दूबे के नेतृत्व में उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित प्राधिकरण को तय समयसीमा में कार्रवाई के निर्देश दिए।

दीपक दूबे ने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा-

नेफोमा के मुख्य सलाहकार दीपक दूबे

“हम सभी निवासी एक परिवार की तरह हैं, पीड़ित खरीदारों के अधिकारों की रक्षा के लिए हम हर स्तर पर उनके साथ खड़े रहेंगे और न्याय दिलाने का प्रयास जारी रहेगा।”

सोसाइटी निवासी अखिलेश्वर ने बताया कि समस्या केवल रजिस्ट्री तक सीमित नहीं थी।

उन्होंने कहा-

रजिस्ट्री न होने के कारण हमें AOA में मतदान का अधिकार नहीं मिला। इतना ही नहीं, सोसाइटी में मेंटेनेंस और सफाई जैसी सुविधाएं भी केवल 16 टावरों तक सीमित थीं।

अखिलेश्वर ने आगे कहा कि हमें अपने ही परिसर में सौतेले व्यवहार का सामना करना पड़ रहा था।

नेफोमा के अध्यक्ष अन्नू खान ने कहा कि यह समस्या केवल एक सोसाइटी तक सीमित नहीं है।

अन्नू खान कहते हैं कि-

“ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कई सोसाइटियों में बिल्डर और प्राधिकरण के बीच विवाद के चलते रजिस्ट्री अटकी हुई है। हम इस मुद्दे का स्थायी समाधान निकालने के लिए प्रयासरत हैं।”

उच्च न्यायालय के आदेश के बाद सोसाइटी में खुशी का माहौल है। निवासियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी खुशी जाहिर की। इस अवसर पर अभिषेक, हरप्रीत सिंह, अखिलेश दीक्षित, संदीप, करुणेश, जी.सी. पंत, रमेश मिश्रा, राहुल और आदित्य सहित कई निवासी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!