गौतमबुद्ध नगर में ₹16,000 करोड़ की एंट्री, योगी कैबिनेट का सबसे बड़ा दांव !
नोएडा-ग्रेटर नोएडा बना निवेश का नया केंद्र
बैटरी से ग्रीन एनर्जी तक बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
लखनऊ/नोएडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए अहम फैसलों ने उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को नई दिशा दी है, लेकिन सबसे ज्यादा लाभ गौतमबुद्ध नगर जिले को मिलता नजर आ रहा है। औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत जिले में बड़े निवेश प्रस्तावों को मंजूरी देकर सरकार ने इसे प्रदेश का उभरता हुआ “इंडस्ट्रियल पावरहाउस” बना दिया है।

कैबिनेट द्वारा स्वीकृत प्रस्तावों में गौतमबुद्ध नगर को विशेष प्राथमिकता दी गई है। यहां स्थित इंटीग्रेटेड बैटरीज इंडिया प्रा. लि. को ₹1146 करोड़ की परियोजना पर पूंजीगत सब्सिडी प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले से न केवल उत्पादन लागत में कमी आएगी, बल्कि जिले में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और ऊर्जा भंडारण क्षेत्र को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।
सबसे बड़ा और रणनीतिक निर्णय आवादा इलेक्ट्रो के ₹16,000 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट से जुड़ा है। कैबिनेट ने इस परियोजना के लेटर ऑफ कंफर्ट (LoC) में संशोधन को मंजूरी दे दी है, जिससे लंबे समय से आ रही व्यावहारिक अड़चनें दूर होंगी और परियोजना को तेजी से जमीन पर उतारा जा सकेगा। यह प्रोजेक्ट गौतमबुद्ध नगर को ग्रीन एनर्जी और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग का केंद्र बनाने में निर्णायक साबित हो सकता है।

अपर मुख्य सचिव (अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास) आलोक कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि इन फैसलों से उद्योगों को वित्तीय मजबूती मिलेगी और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा। खासतौर पर गौतमबुद्ध नगर जैसे जिले में, जहां पहले से ही इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी बेहतर है, ये निर्णय रोजगार सृजन और औद्योगिक विस्तार को नई गति देंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में लगातार हो रहे बड़े निवेश से गौतमबुद्ध नगर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। बैटरी निर्माण, ग्रीन एनर्जी और हाई-टेक इंडस्ट्रीज के क्लस्टर विकसित होने से यह जिला आने वाले समय में उत्तर भारत का सबसे बड़ा औद्योगिक कॉरिडोर बन सकता है।
कैबिनेट द्वारा कुल 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, लेकिन जिस तरह से गौतमबुद्ध नगर में बड़े पैमाने पर निवेश को बढ़ावा मिला है, उससे साफ है कि सरकार की नजर इस जिले को ग्लोबल इंडस्ट्रियल डेस्टिनेशन बनाने पर टिकी हुई है।
