वृंदावन में बड़ा हादसा: यमुना में पलटी श्रद्धालुओं से भरी नाव, 10 की मौत, कई लापता
NEWS1UP
विशेष संवाददाता
मथुरा/वृंदावन। उत्तर प्रदेश के पवित्र धार्मिक स्थल वृंदावन से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यमुना नदी में श्रद्धालुओं से भरी एक स्टीमर नाव अचानक पलट गई, जिससे अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
यह हादसा गुरुवार दोपहर करीब 3:15 बजे केशी घाट के पास हुआ, जो प्रसिद्ध श्रीबांके बिहारी मंदिर से लगभग ढाई किलोमीटर दूर स्थित है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नाव में करीब 25 से 27 श्रद्धालु सवार थे। बताया जा रहा है कि नाव पांटून पुल से टकरा गई, जिसके बाद संतुलन बिगड़ने से यह पलट गई।

राहत और बचाव कार्य जारी
घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस, गोताखोरों और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। अब तक 14 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। लापता लोगों की तलाश के लिए अभियान तेज कर दिया गया है।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंच रही हैं, जबकि मेडिकल टीम को भी अलर्ट पर रखा गया है।
पंजाब के लुधियाना के थे श्रद्धालु
हादसे का शिकार हुए सभी श्रद्धालु पंजाब के लुधियाना के निवासी बताए जा रहे हैं, जो वृंदावन में दर्शन-पूजन के लिए आए थे। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे इलाके में शोक की लहर फैला दी है।
प्रशासन का बयान

मथुरा के जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है और सभी एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। डीआईजी आगरा शैलेश पांडे ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि अब तक 10 शव बरामद किए जा चुके हैं।
पीएम मोदी और सीएम योगी ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की बात कही गई है।
शोक और चिंता का माहौल
वृंदावन जैसी आस्था की नगरी में हुए इस दर्दनाक हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों को जल्द से जल्द ढूंढ निकालने की है।
राहत-बचाव अभियान देर रात तक जारी रहने की संभावना है। प्रशासन ने नदी के आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी है और नाव संचालन पर सख्त निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
