गाजियाबाद को मिली बड़ी सौगात: इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम और एरोसिटी को हरी झंडी
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विश्वस्तरीय क्रिकेट स्टेडियम के चारो तरफ बसेगी एरोसिटी
जल्द हो सकता है शिलान्यास
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
लखनऊ/गाजियाबाद। सरकारी सूत्रों की मानें तो उत्तर प्रदेश का प्रवेश द्वार कहे जाने वाला गाजियाबाद अब एक बड़े बदलाव की दहलीज पर खड़ा है। करीब 2200 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम और एरोसिटी प्रोजेक्ट न केवल शहर की पहचान बदलने जा रहा है, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में अहम कदम साबित होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप यह महत्वाकांक्षी परियोजना स्पोर्ट्स, टूरिज्म और अर्बन डेवलपमेंट का एकीकृत मॉडल प्रस्तुत करेगी। सूत्रों के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास जल्द होने की संभावना है, जिससे वर्षों से लंबित योजना अब धरातल पर उतरती नजर आ रही है।
417 एकड़ में विकसित होगा इंटीग्रेटेड अर्बन हब

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के अनुसार, राजनगर एक्सटेंशन (मोर्टी क्षेत्र) में कुल 417 एकड़ भूमि पर यह मेगा प्रोजेक्ट विकसित किया जाएगा। इसमें 37 एकड़ में लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बनेगा, जबकि शेष 380 एकड़ में करीब 1800 करोड़ रुपये की लागत से एरोसिटी टाउनशिप विकसित की जाएगी।
यह प्रोजेक्ट खेल, व्यापार, पर्यटन और आधुनिक जीवनशैली का संगम होगा, जो गाजियाबाद को एक नए अर्बन हब के रूप में स्थापित करेगा।
पहली बार पश्चिमी यूपी को मिलेगा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम
करीब 30,000 दर्शकों की क्षमता वाले इस स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय मानकों की सभी सुविधाएं होंगी, जिनमें हाईटेक फ्लडलाइट्स, आधुनिक मीडिया सेंटर और विश्वस्तरीय पिच शामिल हैं। इसके निर्माण के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश पहली बार बड़े अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबलों की मेजबानी कर सकेगा।
एरोसिटी बनेगी प्रोजेक्ट की असली ताकत

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के वीसी नंद किशोर कलाल ने बताया कि स्टेडियम के आसपास विकसित होने वाली एरोसिटी इस परियोजना का मुख्य आकर्षण होगी। इसमें फाइव-स्टार होटल, लक्जरी रिसॉर्ट्स, आधुनिक शॉपिंग मॉल, रिटेल ज़ोन, आईटी और बिजनेस हब, ऑफिस स्पेस और एंटरटेनमेंट सेंटर शामिल होंगे।
एयरपोर्ट के नजदीक स्थित होने के कारण यह क्षेत्र देश-विदेश के पर्यटकों और निवेशकों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बनेगा। इसके साथ ही स्पोर्ट्स एकेडमी, ग्रीन स्पेस और स्मार्ट रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स इसे “लाइव, वर्क और प्ले” मॉडल का आदर्श उदाहरण बनाएंगे।
2014-15 की योजना को अब मिली रफ्तार
इस परियोजना की रूपरेखा वर्ष 2014-15 में तैयार की गई थी, लेकिन लंबे समय तक यह ठंडे बस्ते में पड़ी रही। अब वर्तमान सरकार ने इसे प्राथमिकता देते हुए तेजी से आगे बढ़ाया है, जिससे गाजियाबाद के विकास को नई दिशा मिलने जा रही है।
रोजगार और निवेश का बनेगा बड़ा केंद्र
यह प्रोजेक्ट सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का माध्यम भी बनेगा। निर्माण कार्य से लेकर होटल, रिटेल और सर्विस सेक्टर तक लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही, यह परियोजना निवेशकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और गाजियाबाद एक प्रमुख आर्थिक हब के रूप में उभरेगा।
