NEWS1UP की मुहिम रंग लाई, जयपुरिया सनराइज ग्रीन्स बिल्डर पर GDA की बड़ी कार्रवाई !
कलम की निरंतर चोट से टूटी खामोशी, 800 से अधिक परिवारों की पीड़ा पर प्रशासन हरकत में !
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
गाजियाबाद। जनसरोकारों से जुड़ी निर्भीक पत्रकारिता एक बार फिर प्रभावी साबित हुई है। एनएच-24 स्थित गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के जोन-5 अंतर्गत विकसित जयपुरिया सनराइज ग्रीन्स टाउनशिप में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर NEWS1UP द्वारा चलाई गई सतत और तथ्यपरक मुहिम ने प्रशासन को आखिरकार निर्णायक कार्रवाई के लिए बाध्य कर दिया है।
लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं के अभाव में त्रस्त नागरिकों की पीड़ा को NEWS1UP ने 3, 6 एवं 16 फरवरी को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके उपरांत भी अपेक्षित कार्रवाई न होने पर 9 अप्रैल को पुनः इस मुद्दे को मुखरता से उठाया गया। परिणामस्वरूप 10 अप्रैल को जीडीए ने संबंधित बिल्डर एवं मेंटेनेंस एजेंसी के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई प्रारंभ कर दी।
बिल्डर पर सख्ती: कार्यालय सील, एफआईआर की प्रक्रिया तेज

जीडीए ने कार्रवाई को और धार देते हुए बिल्डर के कार्यालय को सील कर दिया है, जो इस पूरे प्रकरण में अब तक की सबसे कठोर प्रशासनिक कार्रवाई मानी जा रही है। इसके साथ ही मैसर्स एस एम वी एजेंसीज प्राइवेट लिमिटेड तथा शौर्यपुरम टाउनशिप के निदेशकों के विरुद्ध धोखाधड़ी एवं लापरवाही के आरोपों में एफआईआर दर्ज कराने हेतु तहरीर भी प्रेषित की गई है।
प्राधिकरण के अनुसार-
बिना कम्पलीशन सर्टिफिकेट के फ्लैट्स का कब्ज़ा देना उत्तर प्रदेश अपार्टमेंट अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है।
नारकीय जीवन जीने को विवश सैकड़ों परिवार

टाउनशिप के अंतर्गत स्थित दिव्यांश ऑनिक्स, रुचिरा सफायर, गोल्डन गेट एवं एरोकॉन रेनबो सोसायटियों में निवासरत 800 से अधिक परिवार मूलभूत सुविधाओं के अभाव में अत्यंत दयनीय परिस्थितियों में जीवनयापन करने को विवश हैं।
एकमात्र साझा मार्ग पर निरंतर जलभराव एवं सीवर का दूषित पानी जमा रहना, अपर्याप्त क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तथा साफ-सफाई एवं रखरखाव की घोर उपेक्षा, स्थिति को और भी गंभीर बना रही है।
निवासियों का संघर्ष और जागरूकता

स्थानीय निवासियों, सुदीप साही, रवि साहू, नीरू चौपड़ा, वीना मानी सहित अन्य नागरिकों ने निरंतर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करने का प्रयास किया। जनआवाज और पत्रकारिता के इस संयुक्त दबाव ने अंततः प्रशासन को सक्रिय होने पर विवश कर दिया।
वर्षों से अधूरी परियोजना, नियमों की अवहेलना
वर्ष 2007 में निष्पादित अनुबंध के अनुसार परियोजना को पांच वर्षों में पूर्ण किया जाना था, किंतु वर्तमान तक यह अधूरी पड़ी है। इतना ही नहीं, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) हेतु आवास निर्माण का दायित्व भी अब तक पूरा नहीं किया गया है, जो कि नियमों की खुली अवहेलना है।
जीडीए का सख्त अल्टीमेटम
प्राधिकरण ने टाउनशिप के समस्त बिल्डरों को चेतावनी जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि यदि दस दिवस के भीतर सीवर संबंधी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित नहीं किया गया, तो सभी टॉवर्स के आंशिक पूर्णता प्रमाण पत्र निरस्त कर दिए जाएंगे।
खुले बेसमेंट गड्ढे से संभावित खतरा

टाउनशिप परिसर में एक विशाल बेसमेंट गड्ढा खोदकर खुला छोड़ दिया गया है, जो किसी भी समय गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है। NEWS1UP द्वारा इस तथ्य को भी प्रमुखता से उजागर किया गया, जिसे अब जीडीए ने अपनी कार्रवाई में सम्मिलित किया है।
