यूपी सरकार का बड़ा फैसला: नोएडा-गाजियाबाद में न्यूनतम मजदूरी 21% बढ़ी
विरोध के बीच बड़ा फैसला
अब बढ़ी हुई दरों पर मिलेगा मजदूरों को भुगतान
NEWS1UP
विशेष संवाददाता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने श्रमिकों के हित में बड़ा ऐलान करते हुए नोएडा और गाजियाबाद में न्यूनतम मजदूरी में 21 फीसदी तक की अंतरिम बढ़ोतरी कर दी है। यह फैसला एक अप्रैल से लागू माना जाएगा।
नई मजदूरी दरें (अंतरिम)
सरकार के फैसले के अनुसार (मूल वेतन + महंगाई भत्ता सहित):
अकुशल श्रमिक: ₹13,690
अर्धकुशल श्रमिक: ₹15,059
कुशल श्रमिक: ₹16,868
सिर्फ बेसिक मासिक वेतन (बिना भत्तों के)
अकुशल श्रमिक: ₹11,313.65 (₹435.14 प्रतिदिन)
अर्धकुशल श्रमिक: ₹12,446 (₹478.69 प्रतिदिन)
कुशल श्रमिक: ₹13,940.37 (₹536.16 प्रतिदिन)
सरकार ने साफ किया है कि ₹20,000 न्यूनतम वेतन की खबर पूरी तरह भ्रामक है।

नोएडा में बवाल के बाद फैसला
सोमवार को नोएडा के फेज-2 और सेक्टर-62 समेत कई इलाकों में मजदूरों ने अफवाहों के चलते विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान:
गाड़ियों में तोड़फोड़
कई वाहनों में आगजनी
प्रशासन के खिलाफ आक्रोश
इसके बाद प्रशासन ने
उपद्रवियों पर कार्रवाई शुरू की
श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर भेजा
श्रमिक संगठनों से बातचीत शुरू की
सरकार का रुख
सरकार का कहना है कि वह श्रमिकों और उद्योगों के बीच संतुलन बनाकर निर्णय लेना चाहती है।
साथ ही-
भविष्य में वेतन नई श्रम संहिता के अनुसार तय होगा
वेज बोर्ड की सिफारिशों पर आगे संशोधन संभव
बोनस और भत्तों पर भी विचार
महिला श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश
भारत सरकार द्वारा लागू की जा रही नई श्रम संहिता के बाद पूरे देश में समान न्यूनतम वेतन प्रणाली लागू होने की दिशा में काम जारी है।
