भगवान परशुराम प्रकटोत्सव पर दूधेश्वरनाथ मंदिर में विशाल यज्ञ, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
भगवान परशुराम धर्म और न्याय की पुनर्स्थापना हेतु अवतरित हुए थे: बीके शर्मा हनुमान
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। सिद्ध पीठ श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मंदिर में भगवान परशुराम प्रकटोत्सव के अवसर पर विशाल यज्ञ एवं धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, समाजसेवी एवं विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए।

विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा के पीठाधीश्वर ब्रह्मऋषि विभूति बीके शर्मा हनुमान ने कहा कि भगवान परशुराम हिंदू धर्म में छठे अवतार के रूप में पूजनीय हैं और वे सदियों से धर्म, न्याय एवं साहस के प्रतीक बने हुए हैं। उनका जन्म वैशाख शुक्ल तृतीया, अर्थात अक्षय तृतीया के दिन महर्षि जमदग्नि एवं माता रेणुका के घर हुआ था।
उन्होंने बताया कि भगवान परशुराम का जन्म ब्राह्मण कुल में हुआ, लेकिन उनके कर्म और स्वभाव एक महान योद्धा के समान थे, इसलिए उन्हें ‘ब्रह्म-क्षत्रिय’ कहा जाता है। उनका नाम ‘परशुराम’ दो शब्दों ‘परशु’ और ‘राम’ से मिलकर बना है। मान्यता है कि भगवान शिव ने उन्हें परशु प्रदान किया था।
बीके शर्मा हनुमान ने कहा कि भगवान परशुराम शस्त्र और शास्त्र दोनों में पारंगत थे। उन्होंने पृथ्वी से अधर्म और अत्याचार का नाश कर धर्म की स्थापना की। वे केवल महान योद्धा ही नहीं, बल्कि आदर्श गुरु भी थे। महाभारत काल के भीष्म, द्रोणाचार्य और कर्ण जैसे महान योद्धाओं को उन्होंने युद्धकला का ज्ञान दिया।

उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम सात चिरंजीवियों में से एक हैं और मान्यता है कि वे आज भी धर्म रक्षा हेतु पृथ्वी पर विद्यमान हैं। त्रेतायुग से लेकर द्वापर युग तक उनका प्रभाव बना रहा, जो उन्हें अन्य अवतारों से विशिष्ट बनाता है।
कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ सम्पन्न हुआ तथा समाज और राष्ट्र की सुख-समृद्धि की कामना की गई। श्रद्धालुओं ने भगवान परशुराम के जयकारों के साथ पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर परमार्थ सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष वीके अग्रवाल, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष महेश कुमार शर्मा, महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा भार्गव, राष्ट्रीय महासचिव मधु शर्मा, आरसी शर्मा, रघुनंदन भारद्वाज, सुभाष शर्मा, बृजपाल शर्मा, ऋषिपाल शर्मा, प्रमोद कुमार शर्मा, आलोकचंद शर्मा, कपिल पंडित, विनीत कुमार शर्मा, मदनपाल शर्मा, शिव कुमार शर्मा, आचार्य ब्रिज किशोर शर्मा बृजवासी, नीरज शर्मा, संजय शर्मा, डॉ. देवेंद्र शर्मा, ताराचंद सारस्वत, सुनीता बहल, नरेंद्र तेवतिया, सुनील बंसल, अमित शर्मा, राजीव त्यागी राज, देवाशीष ओझा, मिलन मंडल, कार्तिकेय शर्मा, डॉ. एनएस तोमर, सुबोध त्यागी, बीपी सिंह, देवेंद्र सिंह, डॉ. शीला रानी, छोटेलाल कनौजिया, प्रदीप चौधरी, आशु पंडित, राजकुमार शर्मा, डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. मोहित वर्मा, पवन वर्मा, रंजीत पोद्दार सहित सैकड़ों विप्रबंधु उपस्थित रहे।
