8वें वेतन आयोग में शामिल करने की मांग पर पेंशनरों का प्रदर्शन, पीएम को भेजा ज्ञापन
लंबित मांगों पर सरकार की चुप्पी से नाराज बुजुर्गों ने उठाई आवाज
NEWS1UP
संवाददाता
गाजियाबाद। सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के बैनर तले मंगलवार को जिले में पेंशनरों ने विभिन्न मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर पेंशनरों की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग उठाई।
एसोसिएशन के जनपदीय अध्यक्ष हितेश राजवंशी, उपाध्यक्ष विक्रमबत्त शर्मा और मंत्री राजेंद्र जैन ने कहा कि देशभर के पेंशनरों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि उन्हें 8वें वेतन आयोग के दायरे में शामिल नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में कई बार पत्राचार और कार्यक्रम आयोजित किए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।

उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय राज्य सरकार पेंशनर फेडरेशन के आह्वान पर उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में एक साथ प्रदर्शन आयोजित किया गया। ज्ञापन में कर्मचारियों, पेंशनरों और शिक्षकों के लिए अलग सीपीआई तय करने, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने, पेंशनरों के राशिकरण कटौती को 10 वर्ष बाद समाप्त करने और 65 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद प्रत्येक पांच वर्ष पर पांच प्रतिशत पेंशन वृद्धि की मांग की गई।
इसके अलावा पेंशन को आयकर से मुक्त करने, कोरोना काल के 18 माह के डीए/डीआर एरियर का भुगतान करने, वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में 50 प्रतिशत छूट देने तथा आयुष्मान भारत योजना के तहत कैशलेस उपचार की सीमा 10 लाख रुपये करने की भी मांग उठाई गई।
प्रदर्शन को परमार्थ सेवा ट्रस्ट और विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा ने भी समर्थन दिया। परमार्थ सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष वी.के. अग्रवाल और विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा के संस्थापक अध्यक्ष बी.के. शर्मा हनुमान ने कहा कि पेंशनरों ने अपना पूरा जीवन समाज और देश की सेवा में समर्पित किया है। ऐसे में बुजुर्ग अवस्था में उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाना चाहिए।
उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि पेंशनरों को सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार मिले और उनकी लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाए। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पेंशनर और समर्थक मौजूद रहे।
