लखनऊ में निकली जनआक्रोश पदयात्रा

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भूमेश शर्मा
लखनऊ। महिला आरक्षण मुद्दे पर विपक्ष के विरोध के खिलाफ राजधानी लखनऊ में मंगलवार को बड़ा राजनीतिक प्रदर्शन देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं सड़क पर उतरे और हजारों महिलाओं के साथ जनआक्रोश पदयात्रा का नेतृत्व किया। यह पदयात्रा मुख्यमंत्री आवास से शुरू होकर सिविल हॉस्पिटल होते हुए विधान भवन तक पहुंची।

सीएम योगी के साथ प्रदेश अध्यक्ष, दोनों उपमुख्यमंत्री, मंत्रिमंडल के सदस्य और सहयोगी दलों के नेता भी शामिल रहे। तेज धूप के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाओं की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष बना दिया।
विधान भवन के सामने सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने की ऐतिहासिक पहल है, लेकिन विपक्षी दलों ने इसमें बाधा डालकर अपना महिला-विरोधी चेहरा उजागर किया है।
उन्होंने कहा कि-
देशभर की महिलाएं अपने अधिकारों के समर्थन में लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रही हैं और उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सीएम योगी ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, कन्या सुमंगला योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।

पदयात्रा के दौरान महिलाओं ने विपक्ष के खिलाफ नारे लगाए और महिला सम्मान से जुड़े तख्तियां लेकर मार्च किया। राजधानी की सड़कों पर उमड़े इस जनसैलाब को भाजपा ने महिला अधिकारों के समर्थन का मजबूत संदेश बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस पदयात्रा में केन्द्रीय मंत्री एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक और सहयोगी दलों के नेता सहित मंत्रिमंडल के सदस्यों तथा भाजपा की विभिन्न इकाइयों के पदाधिकारियों के साथ अग्रिम पंक्ति में चल रहे थे।