मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे रवाना
यूपी पुलिस और होंडा इंडिया फाउंडेशन के तत्वावधान में होगा आयोजन
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत तथा त्वरित पुलिस प्रतिक्रिया व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल होने जा रही है। कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के अंतर्गत होंडा इंडिया फाउंडेशन उत्तर प्रदेश पुलिस को 50 क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) दोपहिया वाहन उपलब्ध कराएगा।
इन वाहनों को शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश पुलिस और होंडा इंडिया फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
सीमावर्ती जिलों को मिलेगी प्राथमिकता
होंडा इंडिया फाउंडेशन द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे ये 50 दोपहिया वाहन उत्तर प्रदेश पुलिस के बेड़े में शामिल किए जाएंगे। इनका उपयोग विशेष रूप से क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) के लिए किया जाएगा, ताकि अपराध की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर तेजी से पहुंच सके।
सरकार ने इन वाहनों की तैनाती के लिए सीमावर्ती और संवेदनशील जिलों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। इसके तहत सहारनपुर को 5 वाहन दिए जाएंगे, जबकि शामली, हापुड़, बागपत, बुलंदशहर, बिजनौर, पीलीभीत, महोबा, बांदा, प्रतापगढ़, खीरी, उन्नाव, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, देवरिया और सोनभद्र को तीन-तीन वाहन आवंटित किए जाएंगे।
इन जिलों में वाहनों की उपलब्धता से पुलिस की तत्काल प्रतिक्रिया क्षमता (Rapid Response) मजबूत होगी और अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
2017 के बाद तेजी से बढ़ा पुलिस का वाहन बेड़ा
उत्तर प्रदेश में 2017 में योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद पुलिस संसाधनों में लगातार वृद्धि की गई है। पुलिस के वाहन बेड़े में भी उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। वर्ष 2017 में पुलिस के पास लगभग 9,500 चार पहिया वाहन और 3,000 दोपहिया वाहन थे, जबकि वर्तमान समय में यह संख्या बढ़कर 15,500 चार पहिया और 9,200 दोपहिया वाहन हो चुकी है।
इसके अलावा, पहले पुलिस वाहनों की खरीद के लिए 85 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाता था, जिसे बढ़ाकर 280 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इससे पुलिस को आधुनिक संसाधनों से लैस करने की दिशा में सरकार को बड़ी मदद मिली है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई क्षमता होगी मजबूत
वरिष्ठ पुलिस अधिअक्रियों का मानना है कि का मानना है कि क्यूआरटी वाहनों की संख्या बढ़ने से पुलिस की मौके पर तत्काल पहुंच और प्रतिक्रिया समय में कमी आएगी। खासकर सीमावर्ती जिलों में इससे कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और अपराध पर त्वरित नियंत्रण में मदद मिलेगी।