कॉमन एरिया से कब्जे हटे, खेल मैदान खिले: क्रॉसिंग रिपब्लिक की GH-7 सोसाइटी बनी मिसाल
NEWS1UP April 25, 2026 0
अब सोसायटी में ही मिलेगा बास्केटबॉल, बैडमिंटन और पिकलबॉल का मजा
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
गाजियाबाद। तेजी से फैलते शहरीकरण, ऊंची-ऊंची इमारतों और सीमित होती खुली जगहों के बीच बच्चों के खेल मैदान अब दुर्लभ होते जा रहे हैं। हाईराइज सोसायटियों में रहने वाले अधिकांश परिवारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर खेल सुविधाएं कहां मिलें। महंगे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स हर किसी की पहुंच में नहीं होते, जबकि सोसायटियों के भीतर मौजूद कॉमन एरिया अक्सर अवैध कब्जों, अतिरिक्त पार्किंग और निजी उपयोग की भेंट चढ़ जाते हैं।

ऐसे माहौल में क्रॉसिंग रिपब्लिक की GH-7 सोसायटी ने एक ऐसा उदाहरण पेश किया है, जिसकी चर्चा अब पूरे शहर में हो रही है। सोसायटी के एओए बोर्ड ने सीमित संसाधनों और उपलब्ध जगह का बेहतर उपयोग करते हुए कॉमन एरिया को खेल सुविधाओं में बदल दिया है। यह पहल अब अन्य हाईराइज सोसायटियों के लिए मॉडल के तौर पर देखी जा रही है।
बच्चों के लिए बना आधुनिक ‘हाफ बास्केटबॉल कोर्ट‘

सोसायटी परिसर में बिना किसी स्ट्रक्चरल बदलाव के बच्चों के लिए आधुनिक हाफ बास्केटबॉल कोर्ट तैयार कराया गया है। कोर्ट में एंटी-स्किड फ्लोरिंग, वॉटरप्रूफ पेंट और प्रोफेशनल मार्किंग्स की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के लिहाज से इसे 15 फीट ऊंची आकर्षक ग्रिल से कवर किया गया है, जिससे गेंद बाहर न जाए और आसपास की गतिविधियां भी प्रभावित न हों। बच्चे इस कोर्ट में स्केटिंग का अभ्यास भी कर सकेंगे।
बच्चों के साथ आने वाले अभिभावकों के लिए अलग से वेटिंग एरिया बनाया गया है। साथ ही बारिश के दौरान पानी जमा न हो, इसके लिए स्मार्ट ड्रेनेज स्लोप भी दिया गया है।
बेसमेंट का कब्जा हटाकर बना ‘बैडमिंटन‘ और ‘पिकलबॉल कोर्ट‘

GH-7 सोसायटी के बेसमेंट-1 में मौजूद खाली कॉमन एरिया पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर निजी पार्किंग बना रखी थी। एओए बोर्ड ने इस स्थान को कब्जामुक्त कराया और वहां बैडमिंटन एवं पिकलबॉल कोर्ट विकसित किया।
विशेष बात यह है कि यह कोर्ट अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार कराया गया है। आधुनिक फ्लोरिंग, प्रोफेशनल मार्किंग्स, वॉटरप्रूफ पेंट और रात में खेल गतिविधियों के लिए पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की गई है।
पहले भी हटाए गए कब्जे, ‘ओपन जिम‘ बना

यह पहली पहल नहीं है। इससे पहले भी एओए बोर्ड ने ग्राउंड फ्लोर पर ग्रीनरी के नाम पर किए गए अतिक्रमण को हटवाकर वहां ओपन जिम स्थापित कराया था। यानी GH-7 प्रबंधन लगातार कॉमन एरिया को निजी कब्जों से मुक्त कर सामुदायिक उपयोग में ला रहा है।
बिना अतिरिक्त शुल्क मिलेगी सुविधा

सोसायटी प्रबंधन की सबसे सराहनीय बात यह है कि इन खेल सुविधाओं के संचालन और रखरखाव के लिए निवासियों पर कोई अतिरिक्त मेंटेनेंस शुल्क नहीं डाला जाएगा। दोपहर 4 बजे से शाम 8 बजे तक यहां कोचिंग कैंप संचालित किए जाएंगे। इससे होने वाली आय से कोर्ट का रखरखाव किया जाएगा। वहीं सुबह से दोपहर और रात के समय सोसायटी निवासी इन सुविधाओं का निःशुल्क उपयोग कर सकेंगे।
बच्चों के लिए आया यह विचार: एओए अध्यक्ष

एओए अध्यक्ष रोहित चौधरी ने बताया कि सोसायटी के बच्चों को स्पोर्ट्स कोचिंग के लिए बाहर जाना पड़ता था। कई बच्चे समयाभाव के कारण खेल गतिविधियों से दूर रह जाते थे। इसी समस्या से समाधान का विचार निकला कि क्यों न कॉमन एरिया को खेल सुविधाओं में बदला जाए।
उन्होंने कहा कि यह काम जितना आज आसान दिख रहा है, उतना था नहीं। लेकिन बोर्ड सदस्यों और निवासियों के सहयोग से यह पहल सफल हो सकी।
अन्य सोसायटियों के लिए सीख

GH-7 की यह पहल उन सभी सोसायटियों के लिए एक सशक्त संदेश है, जहां कॉमन एरिया पर दबंगई, निजी कब्जे और मनमानी का माहौल बना रहता है। कॉमन एरिया पर सभी फ्लैट मालिकों का समान अधिकार होता है और उसका उपयोग सामूहिक हित में ही होना चाहिए।
क्रॉसिंग रिपब्लिक की GH-7 ने यह साबित कर दिया है कि यदि नीयत साफ हो, सोच दूरदर्शी हो और प्रबंधन सक्रिय हो, तो सीमित जगह में भी बच्चों के सपनों को पंख दिए जा सकते हैं।

