1 मई को 201 शिविरों का महाअभियान
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भूमेश शर्मा
गौतमबुद्धनगर। उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिक कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए गौतमबुद्धनगर में बड़े स्तर पर स्वास्थ्य अभियान चला रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिले में स्वास्थ्य विभाग, निजी अस्पतालों और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से 25 स्थानों पर व्यापक मेडिकल कैंप लगाए गए, जहां हजारों श्रमिकों और उनके परिवारों ने मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने सूरजपुर स्थित अंबेडकर भवन में आयोजित मेडिकल कैंप का निरीक्षण किया और श्रमिकों से सीधे संवाद कर व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया। श्रमिकों ने कैंपों की सुविधाओं पर संतोष जताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया।

डीएम मेधा रूपम ने कहा कि ऐसे मेडिकल कैंप आगे भी लगातार लगाए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक श्रमिक मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने बताया कि इन शिविरों में आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
महिला श्रमिकों के लिए खास इंतजाम
महिला श्रमिकों के लिए मैमोग्राफी और ब्रेस्ट स्कैनिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके अलावा दंत चिकित्सा के लिए पूरा सेटअप, एक्स-रे जांच, आंखों की जांच, मोतियाबिंद ऑपरेशन और मुफ्त चश्मा वितरण जैसी सेवाएं भी दी जा रही हैं। बच्चों के लिए पीडियाट्रिक सेवाएं भी उपलब्ध हैं।
12 लाख श्रमिकों को मिलेगा लाभ
प्रशासन का लक्ष्य जिले की 8000 से अधिक इंडस्ट्रीज में काम करने वाले करीब 12 लाख श्रमिकों तक आधुनिक और मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। इसके लिए रोजाना अलग-अलग उद्योगों और श्रमिक बहुल क्षेत्रों में कैंप लगाए जा रहे हैं।
70 निजी अस्पताल भी जुड़े
इस अभियान में 70 से अधिक निजी अस्पताल सरकारी अस्पतालों के साथ मिलकर श्रमिकों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। आधुनिक मेडिकल सुविधाओं से लैस विशेष बसों को भी अभियान में शामिल किया गया है, जिनमें मैमोग्राफी, एक्स-रे, डेंटल चेयर और अन्य जांच सुविधाएं मौजूद हैं।
1 मई को होगा मेगा हेल्थ ड्राइव
गौतमबुद्धनगर में 1 मई को विशेष स्वास्थ्य महाअभियान चलाया जाएगा। इस दिन जिलेभर में 201 कैंप लगाए जाएंगे। साथ ही सभी सरकारी अस्पतालों और 22 बड़े निजी अस्पतालों में श्रमिकों के लिए पूरे दिन मुफ्त जांच, ऑपरेशन और इलाज की सुविधा दी जाएगी।
पहली बार इतना बड़ा अभियान
जिले में पहली बार श्रमिकों के लिए इतने बड़े स्तर पर स्वास्थ्य अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि इससे श्रमिकों को उनके घर और कार्यस्थल के पास ही बेहतर इलाज मिलेगा, जिससे उनका स्वास्थ्य और जीवनस्तर दोनों सुधरेगा।