…कुछ नहीं होगा !

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हिंदी कविता

…कुछ नहीं होगा !

सूरज से भी आंख मिलाओ कुछ नहीं होगा
कमजोरी से बाहर आओ कुछ नहीं होगा l

दुश्मन से जाकर अड़ जाओ कुछ नहीं होगा
रण में उतरो शौर्य दिखाओ कुछ नहीं होगा l

जो देखे हैं सारे सपने वो सच होंगे
दमदारी से कदम बढ़ाओ कुछ नहीं होगा l

आने वाली पीढ़ी को रास्ता देना है
पर्वत काटो राह बनाओ कुछ नहीं होगा l

अंधेरा भागेगा तुमको पीठ दिखाकर
आशा के नित दीप जलाओ कुछ नहीं होगा l

ये दुनियाँ आगे पीछे चक्कर काटेगी
थोड़े से जिद्दी हो जाओ कुछ नहीं होगा l

 

संजीव शर्मा
पूर्व पार्षद, गांधी नगर
गाज़ियाबाद 
मोबाइल नंबर- 9311559382

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