राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने किया ‘यशोदा मेडिसिटी’ का शुभारंभ, निजी स्वास्थ्य संस्थानों को बताया अमूल्य सहयोगी!
सामाजिक जिम्मेदारी निभाना भी स्वास्थ्य संस्थानों की प्राथमिकता होनी चाहिए: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

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गाजियाबाद। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज गाज़ियाबाद के इंदिरापुरम स्थित यशोदा मेडिसिटी का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्य स्वास्थ्य मंत्री अनुप्रिया पटेल भी मौजूद रहीं।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने कहा कि स्वास्थ्य राष्ट्र निर्माण का अभिन्न हिस्सा है। सरकार देशभर में स्वास्थ्य अवसंरचना और सेवाओं का विस्तार कर रही है, परंतु इन प्रयासों में निजी क्षेत्र की सहभागिता भी उतनी ही आवश्यक है। अच्छे निजी स्वास्थ्य संस्थान ‘स्वस्थ और विकसित भारत’ के लक्ष्य को पाने में अमूल्य योगदान दे सकते हैं।

उन्होंने इस अवसर पर यशोदा मेडिसिटी की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था निश्चित ही स्वास्थ्य क्षेत्र में परिवर्तनकारी भूमिका निभाएगी। राष्ट्रपति ने यह भी याद दिलाया कि कोविड-19 महामारी के दौरान यशोदा अस्पताल ने बड़ी संख्या में मरीजों की सेवा की थी और राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन अभियान में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी।
राष्ट्रपति मुर्मु ने स्वास्थ्य संस्थानों को सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का भी संदेश दिया। उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य संस्थानों को केवल चिकित्सा जिम्मेदारी ही नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व भी निभाना चाहिए। समाज के हर वर्ग को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा मिले, यह हमारा सामूहिक लक्ष्य होना चाहिए।”
उन्होंने यशोदा मेडिसिटी से आग्रह किया कि वह सिकल सेल एनीमिया जैसी राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियानों में अधिक योगदान दे और कैंसर उपचार के क्षेत्र में अनुसंधान और सहयोग को बढ़ावा दे।
यशोदा मेडिसिटी के उद्घाटन के साथ ही गाज़ियाबाद और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को एक विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधा केंद्र प्राप्त हुआ है। अत्याधुनिक तकनीक, अनुभवी चिकित्सकों और ‘सभी के लिए किफायती विश्व स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं’ के संकल्प के साथ यह संस्था न केवल दिल्ली-एनसीआर बल्कि पूरे उत्तर भारत में चिकित्सा सेवाओं की नई परिभाषा लिखने को तैयार है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के उत्कृष्ट सहयोग से भारत निकट भविष्य में वैश्विक स्वास्थ्य गंतव्य (Global Healthcare Destination) के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित करेगा।
