मोकामा में सियासी बम धमाका! एनडीए उम्मीदवार अनंत सिंह गिरफ्तार, जन सुराज समर्थक की हत्या से मचा बवाल!
हत्या के बाद हड़कंप
देर रात छापा, तीन गिरफ्तार
NEWS1UP
विशेष संवाददाता
पटना/मोकामा। बिहार की सियासत में फिर एक बार बम फटा है, और इस बार धमाका हुआ है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गढ़ से। जदयू (JD(U)) उम्मीदवार और मोकामा के बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह को रविवार तड़के पुलिस ने उनके बेड़ना गांव स्थित आवास से नाटकीय अंदाज़ में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी जन सुराज समर्थक दुलार चंद यादव की हत्या के मामले में की गई है।
यह वही अनंत सिंह हैं जो एनडीए के टिकट पर एक बार फिर मोकामा सीट पर दावा ठोक रहे थे, जबकि उनकी पत्नी नीलम देवी मौजूदा विधायक हैं। लेकिन चुनावी समर के बीच अब यह गिरफ्तारी एनडीए खेमे में भूचाल ला सकती है।
मर्डर केस से हिली सियासत

पुलिस ने अनंत सिंह के साथ दो अन्य आरोपियों, मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम को भी दबोच लिया है। तीनों को जल्द ही मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। पटना़ के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने शनिवार देर रात डीएम त्यागराजन एस.एम. के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया-
“पोस्टमार्टम रिपोर्ट और शुरुआती जांच से यह हत्या का मामला प्रतीत होता है। यादव की मौत हार्ट और लंग्स में कुंद बल आघात (Blunt Object) से चोट के कारण हुई।”
अनंत बनाम सूरजभान: पुरानी दुश्मनी फिर सुलगी 
गौरतलब है कि मारे गए दुलार चंद यादव 90 के दशक के कुख्यात गैंगस्टर रहे हैं और अनंत सिंह के पुराने प्रतिद्वंद्वी माने जाते थे। इस बार वे प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पियूष प्रियदर्शी के लिए प्रचार कर रहे थे। अनंत सिंह ने खुद माना था कि उनके समर्थकों और यादव के बीच झड़प हुई थी, लेकिन उन्होंने दोष सूरजभान पर मढ़ते हुए कहा कि “यह सारा खेल मेरे पुराने दुश्मन ने रचा है।” सूरजभान की पत्नी वीना देवी इस बार राजद (RJD) के टिकट पर मैदान में हैं, जिससे मोकामा की सियासत का पारा और चढ़ गया है।
इलेक्शन कमीशन की सख़्ती:
चुनावी हिंसा पर चुनाव आयोग ने भी बड़ी कार्रवाई की है। आयोग ने पटना ग्रामीण एसपी विक्रम सिहाग को ट्रांसफर करने और तीन अफसरों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया है। साथ ही बरह के एसडीओ (रिटर्निंग ऑफिसर), बाढ़-1 और बाढ़-2 के एसडीपीओ को भी हटा दिया गया है। बाढ़-2 के एसडीपीओ अभिषेक सिंह को तत्काल निलंबित करने का निर्देश दिया गया है।
अब क्या होगा मोकामा का चुनाव ?
बिहार में 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होना है, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी। ऐसे में अनंत सिंह की गिरफ्तारी ने एनडीए के चुनावी समीकरण को हिला दिया है। नीतीश कुमार की पार्टी के लिए यह मामला न सिर्फ नैतिक संकट है, बल्कि विपक्ष को “कानून और व्यवस्था“ पर हमला करने का नया मौका भी मिल गया है।
मोकामा की जनता अब यह देख रही है कि “छोटे सरकार“ कहलाने वाले अनंत सिंह जेल से चुनाव मैदान तक कैसे सफर तय करेंगे, क्या यह गिरफ्तारी अंत की शुरुआत है, या बाहुबली फिर एक बार अपनी राजनीतिक किस्मत पलट देंगे ?
(एक्सक्लूसिव रिपोर्ट, कॉपीराइट सुरक्षित)
