इंजीनियर युवराज की मौत पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन, नोएडा CEO हटे, SIT गठित!
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
नोएडा। सेक्टर-150 में मॉल के निर्माणाधीन बेसमेंट में कार सहित गिरकर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्त कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नोएडा प्राधिकरण के CEO डॉ. लोकेश एम को वेटिंग लिस्ट में डाल दिया गया है और पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है।

SIT का नेतृत्व मंडलायुक्त मेरठ करेंगे। टीम में एडीजी जोन मेरठ और PWD के चीफ इंजीनियर शामिल हैं। SIT को 5 दिनों में जांच पूरी कर रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
कैसे हुआ हादसा
16 जनवरी की देर रात गुरुग्राम से घर लौट रहे युवराज मेहता की कार घने कोहरे में असंतुलित होकर सड़क किनारे बनी दीवार तोड़ते हुए निर्माणाधीन मॉल के पानी से भरे बेसमेंट में गिर गई। कार डूबने से युवराज की मौके पर ही मौत हो गई।
रेस्क्यू पर उठे सवाल
सूचना मिलने के बाद पुलिस, दमकल विभाग, SDRF और NDRF की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू के बावजूद युवराज को नहीं बचाया जा सका। शनिवार सुबह NDRF ने शव बरामद किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि रेस्क्यू टीम के पास पर्याप्त संसाधन और प्रशिक्षित तैराक नहीं थे।
लापरवाही या सिस्टम फेल ?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि बेसमेंट में इतना पानी कैसे भरा, जबकि हाल के दिनों में भारी बारिश नहीं हुई थी। साथ ही सड़क पर संकेतक और ब्लिंकर न होना भी हादसे की बड़ी वजह मानी जा रही है।
प्राधिकरण की शुरुआती कार्रवाई
नोएडा प्राधिकरण ने यातायात प्रकोष्ठ के दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जबकि क्षेत्र के कनिष्ठ अभियंता की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। यह हादसा शहरी सुरक्षा और आपदा प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब सबकी नजर SIT की रिपोर्ट पर टिकी है, जो तय करेगी कि जिम्मेदार कौन है।
