जब एक ‘माँ’ ठान ले, तो वो दुनिया जीत सकती है: शेरी सिंह
शेरी सिंह बनीं Mrs. Universe 2025: दादरी से दुनिया तक की विजय यात्रा!
दादरी/नोएडा। दादरी में जन्मी शेरी सिंह ने मिसेज यूनिवर्स 2025 का ताज अपने नाम कर इतिहास रच दिया है। फिलीपींस के मनीला में आयोजित 48वें मिसेज यूनिवर्स 2025 प्रतियोगिता में 120 देशों की प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से शेरी सिंह ने अपनी शालीनता, बुद्धिमत्ता और सामाजिक दृष्टिकोण से जजों को प्रभावित किया। यह पहली बार है जब किसी भारतीय प्रतिभागी ने मिसेज यूनिवर्स का प्रतिष्ठित ताज जीता है। महिला सशक्तिकरण और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता जैसे विषयों पर उनके प्रभावशाली विचारों ने उन्हें यह वैश्विक पहचान दिलाई, जो 140 करोड़ भारतीयों के लिए गर्व का क्षण है।
जहाँ कभी सुष्मिता सेन और ऐश्वर्या राय ने भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित किया था, अब वही कहानी दोहराई है शेरनी दिल की इस भारतीय महिला ने। एक माँ, एक पत्नी, एक पुत्रवधू और अब एक ग्लोबल ब्यूटी क्वीन, शेरी सिंह की यह यात्रा सिर्फ़ सफलता की कहानी नहीं, बल्कि हर उस भारतीय महिला के सपनों की मिसाल है जो समाज की सीमाओं से परे उड़ना चाहती है। मिसेज यूनिवर्स शेरी सिंह की इस उपलब्धि पर NEWS1UP के संपादक ‘भूमेश शर्मा’ ने उनसे बातचीत की। पेश हैं एक्सक्लूसिव बातचीत के कुछ खास अंश…
भूमेश: ईमानदारी से बताइए, कैसा लग रहा है?
शेरी सिंह: “सपने जैसे लहराना है, सोचा भी नहीं था कि पूरे देश से इतना प्यार मिलेगा। ये मेरे लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है।”

भूमेश: यह अनुभव किसी क्लब के चेयरपर्सन होने से कितना अलग है?
शेरी सिंह: “ज्यादा अलग नहीं, क्योंकि ताज भी ज़िम्मेदारियों के साथ जुड़ा होता है। यह सिर्फ़ शोभा नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक वचन है।”

भूमेश: एक माँ से ब्यूटी क्वीन बनने तक का सफ़र कैसा रहा?
शेरी सिंह: “माँ तो मैं हमेशा रहूँगी, और एक माँ से बड़ा योद्धा कोई नहीं होता। जब एक माँ कुछ करने की ठान लेती है, तो उसे कोई नहीं रोक सकता।”

भूमेश: अब किसी विशेष ज़िम्मेदारी का एहसास होता है?
शेरी सिंह: “बिलकुल। अब पूरे देश की नज़र मुझ पर है। मैं चाहती हूँ कि सिर्फ़ आज की नहीं, आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक अच्छा उदाहरण पेश करूँ।”

भूमेश: आपके लिए आज़ादी के मायने क्या हैं?
शेरी सिंह: “आज़ादी मतलब, निडर होकर अपने सपनों की उड़ान भरना, समाज की परवाह किए बिना खुद पर यक़ीन रखना।”

भूमेश: ससुराल और मायके की महिलाओं के लिए आपका संदेश?
शेरी सिंह: “अपने सपनों को सिर्फ़ सपने मत रहने दो। कोशिश करो, कदम बढ़ाओ, सफलता ज़रूर मिलेगी।”

भूमेश: एक बेटी, बहन, पत्नी, माँ और पुत्रवधू होने के साथ अपनी स्वतंत्र पहचान पाना कैसा लगता है?
शेरी सिंह: “मेरे पिता, मेरे भाई, मेरे पति और मेरे ससुर, सभी अब मेरे नाम से पहचाने जा रहे हैं। इससे बड़ी बात और क्या होगी? वक़्त बदल रहा है, और महिलाएँ अब अपनी पहचान खुद बना रही हैं।”

भूमेश: दादरी जैसी जगह से निकलकर NIFT (नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी) तक की यात्रा कैसे तय हुई
शेरी सिंह: “मेरे माता-पिता हमेशा बड़ी सोच रखते थे। उनकी सोच ने ही मुझे इतना आगे बढ़ने की हिम्मत दी।”
भूमेश: एनसीआर जैसे रूढ़िवादी माहौल में रहते हुए ब्यूटी पेजेंट में आने का ख्याल कैसे आया?
शेरी सिंह: “जब सुष्मिता सेन मिस यूनिवर्स बनीं और ऐश्वर्या राय मिस वर्ल्ड, उसी वक्त ये सपना जन्मा था। तब से लेकर अब तक, इस मुकाम तक पहुँचने का सफ़र मेहनत, हिम्मत और उम्मीद से भरा रहा।”
शेरी सिंह आज न सिर्फ़ Mrs. Universe 2025 हैं, बल्कि वह हर भारतीय महिला की हिम्मत, उम्मीद और आत्मविश्वास की पहचान बन चुकी हैं।
उनकी यह जीत साबित करती है कि अगर हौसला और मेहनत साथ हो, तो कोई सपना असंभव नहीं — चाहे वो ब्रह्मांड जीतने का ही क्यों न हो।
