December 11, 2025

चुनाव आयोग का पावर-पैक फैसला! SIR अभियान में BLO–सुपरवाइजर की सैलरी दोगुनी!

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 फील्ड स्टाफ को मिला अब तक का सबसे बड़ा मानदेय बढ़ोतरी पैकेज

NEWS1UP

संवाददाता

नई दिल्ली। देशभर में मतदाता सूची के स्पेशल इन्टेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान को लेकर जहां राजनीतिक सरगर्मी तेज है, वहीं चुनाव आयोग ने इस बीच एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए फील्ड में काम करने वाले अधिकारियों की सैलरी बढ़ाने का ऐलान कर दिया है। आयोग ने साफ कहा कि पारदर्शी और निष्पक्ष मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद है, और इसे तैयार करने वाले कर्मचारियों को उचित मानदेय मिलना चाहिए।

 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में तेजी से चल रहा SIR अभियान

केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल समेत कुल 12 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में SIR प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। खास बात यह है कि इन राज्यों में अगले साल विधानसभा चुनाव भी होने हैं, इसलिए मतदाता सूची को लेकर काम और अधिक संवेदनशील माना जा रहा है।

इससे पहले बिहार में SIR पूरा किया गया था, जहां विपक्ष ने आरोप लगाया था कि कई वैध मतदाताओं के नाम भी काटे गए हैं। यूपी और बंगाल में भी विपक्षी दल इसी तरह के आरोप दोहरा रहे हैं। बंगाल में टीएमसी ने तो यहां तक कहा कि अत्यधिक वर्क प्रेशर के कारण बीएलओ तक आत्महत्या जैसी घटनाओं को मजबूर हो रहे हैं।

 चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: BLO और सुपरवाइजर की सैलरी दोगुनी

चुनाव आयोग ने इस बार फील्ड लेवल पर काम करने वाले कर्मचारियों के मानदेय में बड़ी बढ़ोतरी की है।
नया सैलरी स्ट्रक्चर इस प्रकार है:

 बूथ लेवल ऑफिसर (BLO)

  • पहले: 6,000 रुपये

  • अब: 12,000 रुपये

  • इंसेंटिव: 1,000 से बढ़ाकर 2,000 रुपये

 BLO सुपरवाइजर

  • पहले: 12,000 रुपये

  • अब: 18,000 रुपये

 AERO (Assistant Electoral Registration Officer)

  • पहले कोई मानदेय नहीं मिलता था

  • अब: 25,000 रुपये

 ERO (Electoral Registration Officer)

  • 30,000 रुपये का मानदेय

चुनाव आयोग का कहना है कि इन अधिकारियों के बिना पारदर्शी और सटीक मतदाता सूची तैयार करना संभव नहीं है। आखिरी बार ऐसी बढ़ोतरी 2015 में की गई थी।

 बिहार से मिली शुरुआत: BLO को मिला था स्पेशल इंसेंटिव

बिहार में SIR प्रक्रिया की शुरुआत के दौरान ही आयोग ने BLOs को 6,000 रुपये का स्पेशल इंसेंटिव देने का फैसला किया था। आयोग का कहना है कि फील्ड लेवल पर काम करने वाले ये कर्मचारी लोकतंत्र को मज़बूत करने के लिए बेहद अहम भूमिका निभाते हैं, चाहे वह नए मतदाताओं को जोड़ना हो, वोटर लिस्ट अपडेट करना हो या घर-घर जाकर वेरिफिकेशन करना।

 ECI का संदेश: लोकतंत्र की बुनियाद को मजबूत कर रहे हैं ये अधिकारी

चुनाव आयोग द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि इलेक्टोरल रोल्स लोकतंत्र की नींव हैं, और इन्हें तैयार करने वाले कर्मचारी, BLOs, सुपरवाइजर, AERO और ERO बिना भेदभाव के, अत्याधिक मेहनत के साथ कार्य करते हैं। इसलिए उनकी भूमिका और मेहनत को देखते हुए मानदेय बढ़ाना जरूरी था।

 राजनीतिक आरोपों के बीच आयोग का संतुलित कदम

जहां विपक्ष मतदाता सूची से नाम काटे जाने को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं चुनाव आयोग का यह फैसला फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने वाला माना जा रहा है। SIR प्रक्रिया को और प्रभावी तथा पारदर्शी बनाने के लिए आयोग यह कदम एक सुधारात्मक प्रयास के रूप में देख रहा है।

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