पंचायत चुनाव बहाली की उठी बुलंद आवाज, देहात मोर्चा ने विकास और प्रतिनिधित्व पर उठाए गंभीर सवाल!

NEWS1UP
संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। राष्ट्रीय देहात मोर्चा के बैनर तले सूरजपुर में एक महत्वपूर्ण विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें गौतम बुद्ध नगर जिले में वर्षों से बंद पड़े पंचायत एवं नगरीय चुनावों को पुनः शुरू कराने की मांग को लेकर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ किसान नेता चौधरी सुरेंद्र भाटी ने की। गोष्ठी में बड़ी संख्या में ग्रामीण प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिक शामिल हुए।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय देहात मोर्चा के अध्यक्ष राव संजय भाटी ने जिला प्रशासन और प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
उन्होंने कहा कि–

जिला मुख्यालय से सटा सूरजपुर क्षेत्र आज भी गंदगी, टूटी सड़कों और बुनियादी नागरिक सुविधाओं की बदहाली से जूझ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्राधिकरण बोर्ड में गांवों का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं किया गया, जबकि कानून में इसका स्पष्ट प्रावधान मौजूद है। यह ग्रामीणों के अधिकारों का खुला उल्लंघन है।
राव संजय भाटी ने आगे कहा कि प्राधिकरण की प्राथमिकता केवल जमीन अधिग्रहण तक सीमित रह गई है। शहर बसाने के नाम पर किसानों और ग्रामीणों की जमीन ली जाती है, लेकिन उनके शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास की जिम्मेदारी से प्राधिकरण पल्ला झाड़ लेता है। उन्होंने मांग की कि प्राधिकरण की सभी विकास योजनाओं में किसानों और भूमिहीन ग्रामीणों की हिस्सेदारी और भागीदारी अनिवार्य की जाए।
देहात मोर्चा के नेता पंकज अवाना ने कहा कि औद्योगिक कानूनों में संशोधन कर पंचायत चुनावों को समाप्त कर दिया गया, जबकि प्राधिकरण के गठन से लेकर वर्ष 2010 तक ये चुनाव नियमित रूप से होते रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की जड़ पंचायतों से जुड़ी होती है और इन्हें समाप्त करना ग्रामीण समाज को कमजोर करने की साजिश है। उन्होंने आह्वान किया कि सभी ग्रामीण एकजुट होकर जन-जागरूकता अभियान चलाएं, तभी शासन-प्रशासन तक बात पहुंचेगी।

देवराज नागर ने कहा कि देहात मोर्चा के विचार को घर-घर पहुंचाने की आवश्यकता है। संगठित संघर्ष और जागरूकता के माध्यम से ही ग्रामीण अपनी समस्याओं का समाधान करा सकते हैं।
वरिष्ठ नेता चौधरी भीम सिंह सिरसा ने पंचायत चुनाव बहाली की मुहिम को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि सुनियोजित साजिश के तहत पंचायत चुनाव समाप्त कराए गए। यह ग्रामीणों का संवैधानिक अधिकार है और इसे हर हाल में बहाल कराया जाएगा।
विचार गोष्ठी में चौधरी रवि भाटी, रोहित भाटी, विनोद भाटी, सुदेश भाटी, मोहित भाटी, रोशन बैसला, सुनील भाटी, पवन भाटी, प्रमोद भाटी, देव लोहिया, अश्वनी कसाना, मनीष असगरपुर, गौरव कौंडली, प्रवेश पाल, प्रशांत तिलपता सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्र के प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सर्वसम्मति से यह संकल्प लिया गया कि पंचायत एवं नगरीय चुनावों की बहाली, ग्रामीण प्रतिनिधित्व और विकास के मुद्दों को लेकर देहात मोर्चा आंदोलन को और तेज करेगा तथा जल्द ही शासन और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
