December 11, 2025

CM योगी का मेगा एक्शन: लखनऊ से शुरू हुआ घुसपैठ सफाया अभियान

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NEWS1UP

संवाददाता

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने कड़ा अभियान शुरू कर दिया है। इसी सिलसिले में राजधानी लखनऊ में सोमवार को विशेष अभियान चलाया गया, जिसके दौरान सरोजिनी नगर क्षेत्र में कूड़ा बीनने का काम कर रहे लोगों की पहचान सत्यापन (ID Verification) की गई। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस को कई चौंकाने वाले तथ्य सामने मिले।

अधिकांश के आधार कार्ड असम के बने मिले 

जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि कूड़ा बीनने वालों में से अधिकांश के आधार कार्ड असम राज्य में बने हुए हैं। जब इनसे पूछताछ की गई तो कई लोगों ने दावा किया कि वे पिछले 1–2 वर्षों में ही उत्तर प्रदेश आए हैं, जबकि कुछ ने 20–25 वर्षों से लगातार यहां रह रहे होने की बात कही।
हालांकि, पुलिस को इनके बयान और कागजात में गंभीर विसंगतियाँ मिलीं, जिसके बाद सभी दस्तावेज जब्त कर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

अब होगा ‘थ्री-लेयर वेरिफिकेशन’

लखनऊ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध दस्तावेजों की सत्यता सुनिश्चित करने के लिए ‘थ्री-लेयर वेरिफिकेशन’ प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसमें शामिल हैं-

मूल पते की पुष्टि: असम स्थित पते पर स्थानीय पुलिस से संपर्क कर पता लगाया जाएगा कि व्यक्ति वास्तव में वहाँ का निवासी है या नहीं।

निवास अवधि की जांच: व्यक्ति कब तक असम में था और कब से गायब है, इसका रिकॉर्ड खंगाला जाएगा।

आधार जारी एजेंसी से क्रॉस-चेक: आधार कार्ड असली है या फर्जी, इसकी तकनीकी जांच भी कराई जाएगी।

अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि किसी का आधार कार्ड या पहचान पत्र फर्जी पाया गया तो उसे अवैध घुसपैठ की श्रेणी में रखकर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

कार्रवाई से इलाके में हड़कंप

सरोजिनी नगर क्षेत्र में पुलिस की इस अचानक कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर हड़कंप मच गया। कई लोग आधार कार्ड नहीं दिखा पाए तो कई लोगों के दस्तावेज संदिग्ध पाए गए। पुलिस टीम लगातार इस तरह की जांच आगामी दिनों में भी जारी रखेगी।

सीएम योगी आदित्यनाथ का सख्त रुख

कुछ दिनों पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि उत्तर प्रदेश में कोई भी संदिग्ध या अवैध नागरिक नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा था कि ऐसे लोगों की पहचान कर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सीएम के आदेश के बाद लखनऊ में यह अभियान शुरू किया गया है और अनुमान है कि जल्द ही यह पूरे प्रदेश के अन्य शहरों में भी लागू किया जाएगा।

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