संभल का नया सफ़र: पांच आयामों पर आगे बढ़ता विकास, योगी सरकार बदल रही जिले की तस्वीर!
पर्यटन का ट्रांसफ़ॉर्मेशन
परिक्रमा मार्ग से विश्व पटल पर पहचान का प्रयास
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
लखनऊ/संभल। योगी आदित्यनाथ सरकार उत्तर प्रदेश के प्राचीन और आध्यात्मिक महत्त्व वाले जनपद संभल को एक नया स्वरूप देने में जुटी है। जहां कभी अशांति, पलायन, उपेक्षा और अव्यवस्था सुर्खियों में रहती थी, वहीं अब संभल सुरक्षा, शिक्षा, पर्यटन, इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक विकास के पांच आयामों पर नई पहचान गढ़ रहा है। सरकार की योजनाओं और प्रशासन के अभिनव प्रयासों ने जिले को ‘संभल से संभाल’ की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाया है।

हेरिटेज कंज़र्वेशन: 68 तीर्थों और 19 कूपों की फिर लौटी आस्था
संभल की प्राचीन आध्यात्मिक विरासत को सुरक्षित करने के लिए योगी सरकार विशेष योजनाओं पर कार्य कर रही है।
ब्रह्मकूप, जिसे कूड़ेघर बनने का खतरा था, का पूर्ण पुनर्जीवन हुआ।
जिले में मौजूद 68 तीर्थ और 19 कूपों का जीर्णोद्धार मिशन मोड में चल रहा है।
पहले चरण में प्राचीन तीर्थस्थलों के सुधार व पुनरुद्धार पर जोर है, जबकि दूसरे चरण में म्यूजियम, लाइट एंड साउंड शो और अन्य सांस्कृतिक प्रोजेक्ट जोड़े जा रहे हैं।
12 प्रमुख तीर्थों के विकास के लिए भूमि क्रय की प्रक्रिया जारी है और लगभग 12.94 करोड़ रुपये अतिरिक्त बजट का अनुरोध भेजा गया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट: कानून का राज, पलायन हुआ बंद
योगी सरकार की प्राथमिकता संभल में आधुनिक और सुरक्षित जनसुविधाओं का विस्तार है। जिले में एकीकृत कलेक्ट्रेट भवन, जिला न्यायालय, जिला कारागार और 24वीं वाहिनी PAC का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। टू-लेन और फोर-लेन सड़कों का विस्तार, नगर विकास विभाग की योजनाओं जैसे वंदन योजना, नगरीय जल निकास, तालाब-झील पुनर्जीवन कार्यों से शहर में नया परिवर्तन दिख रहा है। 11.328 हेक्टेयर भूमि पर सीबीजी प्लांट लगाने की तैयारी, जिले को हरित ऊर्जा के मॉडल के रूप में भी उभार रही है। और कानून-व्यवस्था में सुधार के कारण अब संभल में पलायन लगभग समाप्त हो गया है और लोग वापस लौट रहे हैं।
शिक्षा का नया अध्याय: सरकारी विद्यालयों ने बदली तस्वीर

संभल व बहजोई के 16 पीएमश्री विद्यालय शिक्षा के नए प्रतीक बनकर उभरे हैं। आधुनिक साइंस लैब, एजुकेशन पार्क, औषधीय वाटिका, हरिश्चंद्र सभागार जैसी उन्नत सुविधाएं इन स्कूलों को निजी विद्यालयों की बराबरी में खड़ा कर रही हैं। इसके साथ ही दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए की गई विशेष व्यवस्था की सराहना स्वयं मुख्यमंत्री ने की और डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया को सम्मानित किया।
पर्यटन को नया आयाम: 24 कोसी परिक्रमा मार्ग से बढ़ेगी पहचान

संभल को सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन हब बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए गए हैं। यहाँ अयोध्या की तर्ज पर 24 कोसी परिक्रमा मार्ग विकसित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से श्रद्धालु 68 तीर्थों का दर्शन कर सकेंगे। परिक्रमा मार्ग में बाधक कब्जों को हटाया जा रहा है। प्रसिद्ध सिसोना डांडा मेले को प्रांतीय मेला घोषित करने की प्रक्रिया जारी है। महिष्मती नदी के पुनरुद्धार के साथ-साथ दतावली गांव में पर्यटन सुविधाओं के लिए 5.565 हेक्टेयर भूमि पर 16.15 करोड़ रुपये की परियोजना प्रस्तावित है। साथ ही साथ संभल कल्कि तीर्थ विकास परिषद गठन की तैयारी जिले के भविष्य के धार्मिक पर्यटन को मजबूती देगी।

कम्युनिटी भागीदारी: जनता को विकास से जोड़ने का अनोखा प्रयास
सरकार के प्रयासों का सबसे सकारात्मक बदलाव यह है कि लोग विकास की प्रक्रिया से खुद को जुड़ा महसूस कर रहे हैं।
पहले जिन परिवारों ने तनाव के कारण संभल छोड़ा था, उनमें से 15 से अधिक परिवार घर वापसी कर चुके हैं।
संवेदनशील इलाकों में 39 पुलिस चौकियां और 1300 CCTV कैमरे सुरक्षा का नया मॉडल बन चुके हैं।
पुलिस द्वारा आमजन से सीधा संवाद, शांति और सौहार्द में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
आर्थिक विकास: निर्यात में संभल ने हासिल किया प्रदेश में टॉप–10 स्थान
संभल आर्थिक रूप से भी बड़ी छलांग लगा रहा है। वर्ष 2024–25 में संभल से 2405 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ। निर्यात के मामले में संभल प्रदेश में दसवें स्थान पर आ चुका है।
संभल के विशेष इनोवेशन: सुशासन का नया मॉडल
भरोसे की पर्ची
एसपी केके विश्नोई द्वारा शुरू की गई इस व्यवस्था के तहतहर शिकायत का डिजिटल ट्रैक नंबर,समयबद्ध निस्तारण, और लापरवाही पर अधिकारियों से जवाब-तलब, इस मॉडल ने पुलिस पर आमजन का विश्वास मजबूत किया है।
एक पुस्तक–एक पुष्प अभियान
डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया के अभिनव अभियान के तहत सरकारी आयोजनों में आगंतुकों को एक पुस्तक और एक पुष्प भेंट किए जाते हैं, जिससे शिक्षा, पठन-पाठन और पर्यावरण संरक्षण का संदेश फैल रहा है।
संभल संवाद ऐप
जिले का अपना वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, जहां नागरिक एक ही जगह पर सभी महत्वपूर्ण सरकारी सेवाओं तक आसान पहुंच प्राप्त कर रहे हैं।
