यूजीसी का षड्यंत्र बेनकाब, सुप्रीम कोर्ट की रोक पर गाजियाबाद में जश्न!

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NEWS1UP

संवाददाता

गाजियाबाद। विश्व ब्रह्मऋषि ब्राह्मण महासभा ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए प्रमोशन ऑफ इक्विटी रेग्युलेशंस–2026 पर रोक लगाए जाने के निर्णय का गुरुवार को संजय नगर सेक्टर–23 स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में उत्सवपूर्वक स्वागत किया। इस अवसर पर महासभा ने न्यायालय के फैसले को सत्य, संविधान और भारतीय एकता की जीत बताया।

महासभा के पीठाधीश्वर ब्रह्मऋषि विभूति बी.के. शर्मा ‘हनुमान’ ने कहा कि-

सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय न केवल ऐतिहासिक है, बल्कि समाज में आपसी एकता और भाईचारे को मजबूत करने वाला भी है। उन्होंने कहा कि स्वयं सर्वोच्च न्यायालय ने माना है कि यूजीसी के नए नियमों में प्रथम दृष्टया अस्पष्टता है और इनके दुरुपयोग की आशंका बनी हुई है। इसी कारण केंद्र सरकार को इन नियमों को पुनः ड्राफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं और तब तक के लिए इन पर रोक लगाई गई है।

बी.के. शर्मा ‘हनुमान’ ने आरोप लगाया कि यूजीसी ने संविधान में प्रदत्त समानता के अधिकार की भावना के विपरीत जाकर ऐसे प्रावधान बनाए, जिनसे सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं के साथ भेदभाव की आशंका पैदा हुई। उन्होंने कहा कि भेदभाव रोकने के नाम पर गठित कमेटियों में भी सामान्य वर्ग को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया, जो गंभीर चिंता का विषय है।

परमार्थ सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष वी.के. अग्रवाल ने कहा कि-

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि यूजीसी के नए नियम भेदभाव समाप्त करने के बजाय उसे बढ़ावा देने वाले थे। यदि ये लागू होते, तो सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के शिक्षा अधिकार और भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ता।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को संविधान की शक्ति, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकता की विजय बताते हुए प्रसन्नता व्यक्त की।

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