दिल्ली के विवेक विहार में देर रात लगी भीषण आग में 9 की मौत

0

बालकनी में सीढ़ी लगाकर 20 लोगों को बचाया गया, लेकिन टॉप फ्लोर के दो फ्लैटों में फंसे लोग नहीं निकल पाए

NEWS1UP

संवाददाता

नई दिल्ली। देश की राजधानी के विवेक विहार में रविवार तड़के हुआ भीषण अग्निकांड की दर्दनाक घटना सामने आयी है। विवेक विहार फेज-I के बी-13 परिसर स्थित एक रिहायशी इमारत में लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया, जिसकी चपेट में आकर 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हैं।

कैसे फैली आग ?

सुबह करीब 3:47 बजे दमकल विभाग को आग लगने की सूचना मिली। आग दूसरी, तीसरी और चौथी मंजिल के 6 फ्लैटों में तेजी से फैल गई। इमारत में कुल 8 परिवार रहते थे और कई लोग नींद में ही आग की चपेट में आ गए।

रेस्क्यू ऑपरेशन: कई जानें बचीं

सूचना मिलते ही 10–12 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। पुलिस, दमकल और रेस्क्यू टीमों ने संयुक्त अभियान चलाकर 20 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। कई लोगों को बालकनी में सीढ़ी लगाकर रेस्क्यू किया गया। घायलों को गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

प्रत्यक्षदर्शी का खुलासा: थोड़ी-सी चूक भारी पड़ी

घटना के चश्मदीद चरणजीत सिंह ने रेस्क्यू ऑपरेशन पर बड़ा बयान दिया।

उन्होंने बताया-

घटना की जानकारी देते प्रतयक्षदर्शी चरणजीत

“अब तक 10 दमकल की गाड़ियां यहां आ चुकी हैं। करीब 20 लोगों को बालकनी में सीढ़ी लगाकर निकाला गया। लेकिन बिल्डिंग के टॉप फ्लोर के बैकसाइड के दो फ्लैटों में फंसे लोग नहीं निकल पाए। थोड़ी-सी चूक यह हुई कि फ्रंट साइड के फ्लैट के लोगों को निकालने के बाद अगर बाकी लोगों को समय रहते अलर्ट कर दिया जाता, तो शायद वे भी बाहर निकल पाते।”

चश्मदीद का यह बयान आग से बचाव में समय पर सूचना और अलर्ट सिस्टम की अहमियत को उजागर करता है।

पुलिस और प्रशासन क्या कह रहा है?

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, सुबह 3:48 बजे सूचना मिलते ही पुलिस, एसएचओ और एसीपी मौके पर पहुंचे। दमकल की टीम, क्राइम ब्रांच और डीडीएमए स्टाफ भी तुरंत कार्रवाई में जुट गए। फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है और सर्च ऑपरेशन जारी है।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

हाल ही में इंदिरापुरम के गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन, क्रासिंग रिपब्लिक और गौड़ ग्रीन एवेन्यू में भी ऊंची इमारत में भीषण आग लगी थी।

उठते सवाल

यह हादसा एक बार फिर शहरी इमारतों में अग्नि सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है

क्या बिल्डिंग में फायर अलार्म सिस्टम काम कर रहा था ?

क्या सभी फ्लैटों तक समय पर सूचना पहुंची ?

क्या इमरजेंसी एग्जिट पर्याप्त और सुरक्षित थे ?

प्रत्यक्षदर्शी के बयान ने साफ कर दिया है कि “थोड़ी-सी चूक” भी ऐसे हादसों में जानलेवा साबित हो सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!