रद्द होगा वीवीआईपी एड्रेसेस AOA का रजिस्ट्रेशन ??
ऑडिट के आदेश की अनदेखी
निर्देशों के बावजूद दस्तावेज़ नहीं दिए गए
2 मई के नोटिस में डीआर कार्यालय ने दिए 7 दिन
NEWS1UP
एओए/आरडब्ल्यूए डेस्क
गाजियाबाद। वीवीआईपी एड्रेसेस अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA) का रजिस्ट्रेशन अब खतरे में पड़ता नजर आ रहा है। डिप्टी रजिस्ट्रार द्वारा जारी नोटिस ने एओए प्रबंधन की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। नोटिस में साफ तौर पर कहा गया है कि सोसायटी ने ऑडिट प्रक्रिया में सहयोग नहीं किया और प्रशासन के निर्देशों की लगातार अनदेखी की।

मामले की जड़ में है वर्ष 2018 से अब तक का लंबित ऑडिट। डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय ने सोसायटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 की धारा-24 के के तहत ऑडिटर की नियुक्ति की थी, लेकिन ऑडिटर के अनुसार सोसायटी प्रबंधन ने जरूरी दस्तावेज और अकाउंट रिकॉर्ड उपलब्ध ही नहीं कराए। कई बार नोटिस के बावजूद स्थिति जस की तस बनी रही।
दो अहम तारीखें, लेकिन कोई असर नहीं
प्रशासन की सख्ती यहीं नहीं रुकी।
17 दिसंबर 2025 को पहली बार स्पष्ट निर्देश जारी किए गए
इसके बाद 19 फरवरी 2026 को दोबारा सख्त आदेश दिए गए
लेकिन हैरानी की बात यह है कि इन दोनों अहम तारीखों के बावजूद सोसायटी प्रबंधन ने न तो रिकॉर्ड सौंपे और न ही ऑडिट प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में कोई ठोस कदम उठाया। नामित जांच अधिकारी ने डिप्टी रजिस्ट्रार को अपने पत्र में स्पष्ट कहा है कि उन्होंने कई बार AOA से रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, लेकिन न तो खातों की पुस्तिकाएं दी गईं और न ही कोई ठोस सहयोग मिला, जिससे ऑडिट शुरू करना संभव हो सके।
रजिस्ट्रेशन रद्द होने की आशंका क्यों ?

कानूनी जानकारों की मानें तो, अगर कोई सोसायटी लगातार सरकारी निर्देशों की अनदेखी करती है और वित्तीय ऑडिट से बचती है, तो यह सोसायटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के तहत गंभीर उल्लंघन माना जाता है।
ऐसी स्थिति में-
रजिस्ट्रेशन सस्पेंड या रद्द किया जा सकता है
प्रबंधन समिति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है
सोसायटी के संचालन पर प्रशासनिक हस्तक्षेप बढ़ सकता है
यही वजह है कि अब यह सवाल तेज हो गया है, क्या वीवीआईपी एड्रेसेस AOA अपना कानूनी दर्जा खोने की कगार पर है ?
सोसायटी में बढ़ी बेचैनी
डिप्टी रजिस्ट्रार के 2 मई के नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि AOA को 7 दिन के भीतर सभी आवश्यक रिकॉर्ड, खातों की पुस्तिकाएं और ऑडिट से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
नोटिस के सामने आने के बाद सोसायटी के निवासियों में भी हलचल तेज हो गई है। निवासी यह जानना चाहते हैं कि आखिर वर्षों से ऑडिट क्यों नहीं हुआ और प्रबंधन क्या छिपा रहा है। पारदर्शिता की कमी और जवाबदेही से बचने के आरोप अब खुलकर सामने आ रहे हैं।
डिप्टी रजिस्ट्रार ने साफ संकेत दे दिया है कि यदि जल्द ही रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किए गए और ऑडिट पूरा नहीं कराया गया, तो सख्त कार्रवाई तय है। आने वाले दिनों में सोसायटी को अंतिम मौका दिया जा सकता है, या सीधे कानूनी कार्रवाई और रजिस्ट्रेशन पर फैसला लिया जा सकता है।
