यूपी बीजेपी में ‘डबल रीसेट’ की तैयारी! संगठन बदलाव के साथ कैबिनेट विस्तार की पटकथा लगभग तैयार
दिल्ली में बैठकों के बाद तेज़ हुई हलचल, 10 मई तक बड़ा फैसला संभव, नया डिप्टी सीएम भी बन सकता है
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
लखनऊ/दिल्ली। उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बड़ा फेरबदल होने के संकेत मिल रहे हैं। प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष के रूप में पंकज चौधरी की नियुक्ति के बाद से जिस “नए संगठन” की चर्चा चल रही थी, अब वह अंतिम चरण में पहुंचती दिख रही है। इसी के साथ योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारियां भी तेज़ हो गई हैं।

रविवार को उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और संगठन महामंत्री विनोद तावड़े से मुलाकात की। इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें यूपी के संगठनात्मक बदलाव और कैबिनेट विस्तार दोनों पर विस्तार से चर्चा हुई।
10 मई तक बड़ा फैसला संभव
सूत्रों के मुताबिक, 10 मई तक मंत्रिमंडल विस्तार को अंतिम रूप दिया जा सकता है। इस विस्तार में अधिकतम 6 नए मंत्रियों को शामिल किए जाने की संभावना है। खास बात यह है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले यह आखिरी बड़ा विस्तार माना जा रहा है, इसलिए इसमें सामाजिक और राजनीतिक संतुलन पर खास ध्यान दिया जाएगा।

‘एज फैक्टर’ और नए चेहरे
पार्टी के भीतर एक बड़ा संकेत यह भी दिया गया है कि 65 वर्ष से अधिक आयु के विधायकों को मंत्री पद की दौड़ से बाहर रहने को कहा गया है। इसे “जनरेशन शिफ्ट” की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे युवा और सक्रिय चेहरों को आगे लाया जा सके।
सहयोगी दलों को साधने की कवायद
इस बार का विस्तार सिर्फ बीजेपी तक सीमित नहीं रहेगा। सूत्र बताते हैं कि सहयोगी दलों को भी मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व देने की योजना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही सहयोगियों के साथ बेहतर तालमेल पर जोर दे चुके हैं, ताकि 2027 चुनाव में गठबंधन मजबूत स्थिति में रहे।
एक और डिप्टी सीएम ?
सबसे बड़ा राजनीतिक संकेत यह है कि दिल्ली स्तर पर यूपी में एक और उपमुख्यमंत्री बनाने पर भी विचार हो रहा है। यदि ऐसा होता है, तो यह कदम जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की बड़ी रणनीति का हिस्सा होगा।
बंद कमरे में मंथन, ‘फाइनल टच’ बाकी
हाल ही में प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह के साथ बंद कमरे में हुई बैठकों और विनोद तावड़े के लखनऊ दौरे के बाद यह साफ हो गया है कि खाका लगभग तैयार है। अब सिर्फ अंतिम मुहर लगनी बाकी है।
