यूपी ने बनाया 9 साल में 9 लाख से अधिक पारदर्शी भर्तियों का रिकॉर्ड: सीएम योगी

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2026-27 में डेढ़ लाख भर्तियों का लक्ष्य

भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता पर जोर, सेंधमारी पर आजीवन कारावास और संपत्ति जब्ती का सख्त कानून लागू

NEWS1UP

भूमेश शर्मा

लखनऊ। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि उत्तर प्रदेश ने सरकारी नौकरियों में पारदर्शी भर्ती का नया रिकॉर्ड बनाया है। पिछले नौ वर्षों में 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1.5 लाख से अधिक सरकारी भर्तियां पूरी करने का लक्ष्य है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग इस वर्ष 32 हजार से अधिक नियुक्तियां करेगा, जबकि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग लगभग 15 हजार पदों पर भर्ती करेगा। शिक्षा चयन आयोग भी हजारों शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी करेगा।

नियुक्ति पत्र वितरण, सैकड़ों अभ्यर्थी लाभान्वित

कार्यक्रम में 357 कनिष्ठ विश्लेषकों (औषधि) और 252 डेंटल हाइजीनिस्ट को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी और 4 व 6 मई को भी नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित होंगे।

भ्रष्टाचार पर सख्त कानून, आजीवन कारावास का प्रावधान

सीएम योगी ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए सख्त कानून लागू किया गया है। इसके तहत सेंधमारी करने वालों को आजीवन कारावास और उनकी संपत्ति जब्त की जाएगी।

युवाओं के सपनों के साथ अन्याय नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी युवा के सपनों का टूटना केवल व्यक्तिगत नुकसान नहीं, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि सरकार निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती के लिए प्रतिबद्ध है।

2017 से पहले की व्यवस्था पर सवाल

उन्होंने आरोप लगाया कि 2017 से पहले भर्ती प्रक्रियाएं भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से प्रभावित थीं। कई बार न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ता था और अपात्र लोग भी चयन प्रक्रिया का हिस्सा बन जाते थे।

पुलिस विभाग में 2.20 लाख भर्तियां

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्षों में पुलिस विभाग में 2.20 लाख से अधिक भर्तियां की जा चुकी हैं, जो पारदर्शी तरीके से पूरी हुईं।

लैब और जांच व्यवस्था में बड़ा सुधार

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग में पहले केवल 5 प्रयोगशालाएं थीं, जो अब बढ़कर 18 हो गई हैं। मंडल स्तर पर ए-ग्रेड लैब स्थापित की गई हैं और नमूनों की जांच क्षमता 12 हजार से बढ़कर 55 हजार वार्षिक हो गई है।

खाद्य नमूनों की जांच तीन गुना करने की तैयारी

सीएम ने बताया कि वर्तमान में 36 हजार खाद्य नमूनों की जांच होती है, जिसे बढ़ाकर 1.08 लाख करने का लक्ष्य है। इसके लिए 417 नए पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।

बेहतर कानून-व्यवस्था से बढ़ा निवेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बेहतर सुरक्षा और निवेश के अनुकूल माहौल के कारण फार्मा सेक्टर सहित कई क्षेत्रों में निवेश बढ़ा है। हाल ही में 17 निवेशकों को राज्य में उत्पादन इकाइयां स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया गया है।

इस अवसर पर डिप्टी सीएम बृजेश पाठक, आयुष मंत्री एवं खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के राज्य मंत्री दया शंकर मिश्रा दयालु, चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य अमित घोष, प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग एम देवराज, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के सचिव एवं आयुक्त रोशन जैकब आदि उपस्थित थे।

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