लॉकअप में डाला, दबाव बनाया… फिर भी नहीं झुके 67 वर्षीय अशोक शर्मा, साहस के आगे झुका सिस्टम
रिवर हाइट्स सोसाइटी में सुरक्षा विवाद से उपजा टकराव, वरिष्ठ नागरिक की हिम्मत ने खोली पुलिस कार्रवाई की पोल, दोषी पुलिसकर्मी निलंबित
NEWS1UP
भूमेश शर्मा
गाजियाबाद। राज नगर एक्सटेंशन स्थित रिवर हाइट्स सोसाइटी में 30 अप्रैल को घटी घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक नाम सबसे ज्यादा उभरकर सामने आया, 67 वर्षीय वरिष्ठ नागरिक और सोसाइटी के कोषाध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा, जिन्होंने दबाव, डर और अन्याय के बावजूद पीछे हटने से इनकार किया और अंततः न्याय हासिल कर दिखाया।
चोरी की घटनाओं से शुरू हुआ विवाद
सोसाइटी में पिछले कुछ महीनों में लगातार चोरी की घटनाएं सामने आईं। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी प्रॉमिस मैनपॉवर सर्विसेज लिमिटेड के पास थी, लेकिन एओए का आरोप है कि कंपनी की लापरवाही के चलते ये घटनाएं हुईं।
एओए अध्यक्ष गौरव वरमानी ने बताया-

“हमने कई बार पुलिस और संबंधित अधिकारियों को शिकायत दी, CCTV फुटेज भी उपलब्ध कराए, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जब हमने फरवरी-मार्च का भुगतान रोका, तो कंपनी के कर्मचारियों ने दबाव बनाना शुरू कर दिया।”
30 अप्रैल को सुरक्षा कंपनी के कुछ कर्मचारी सोसाइटी गेट पर पहुंचे और हंगामा, गाली-गलौज व दबाव बनाने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ती देख वरिष्ठ नागरिक अशोक शर्मा ने डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को बुलाया।
लेकिन घटनाक्रम ने अप्रत्याशित मोड़ तब लिया, जब मौके पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय एओए पदाधिकारियों को ही हिरासत में ले लिया। अशोक शर्मा, सचिव रितु चौधरी और सदस्य आलोक शर्मा को पुलिस थाना नंदग्राम ले गई, जहां अशोक शर्मा और आलोक शर्मा को लॉकअप में बंद कर दिया गया।
हिरासत में भी नहीं टूटा हौसला
बताया जाता है कि चौकी में बैठाकर एओए पदाधिकारियों पर सुरक्षा कंपनी के पक्ष में समझौते का दबाव बनाया गया। लेकिन 67 वर्षीय अशोक शर्मा ने इस दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया।
अशोक कुमार शर्मा ने कहा-

“मैंने सिर्फ सोसाइटी के लोगों की सुरक्षा के लिए आवाज उठाई थी। अगर हम ही डर जाते, तो गलत करने वालों का मनोबल और बढ़ जाता। मैंने तय किया था कि चाहे जो हो जाए, सच्चाई के लिए खड़ा रहूंगा।”
एओए अध्यक्ष गौरव वरमानी ने आरोप लगाया कि उसी रात कुछ पुलिसकर्मी उनके फ्लैट पर पहुंचे और जबरदस्ती अंदर घुसने की कोशिश की, उनके अनुसार उस वक़्त घर पर उनकी पत्नी और बच्चे ही मौजूद थे, जो कि बहुत डर गए थे। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम के CCTV फुटेज जुटाकर पुलिस कमिश्नर से शिकायत की जाएगी।
यह सिर्फ मेरी नहीं, सभी की जीत है
अशोक शर्मा इस पूरे घटनाक्रम को व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामूहिक जीत मानते हैं।
उन्होंने कहा,
“यह सिर्फ मेरी नहीं, बल्कि रिवर हाइट्स के हर निवासी की जीत है। यह संदेश है कि अगर हम सच के साथ खड़े रहें, तो न्याय जरूर मिलता है।”
सोसाइटी के निवासियों ने अशोक कुमार शर्मा के साहस और नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों के बिना यह संभव नहीं था। यह घटना अब रिवर हाइट्स सोसाइटी के लिए सिर्फ एक विवाद नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक उदाहरण बन चुकी है, जहां एक वरिष्ठ नागरिक ने न सिर्फ अपने अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी, बल्कि पूरे समाज के लिए न्याय की राह भी बनाई।
