योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश दंगों, माफिया राज, गुंडा टैक्स और खराब कानून व्यवस्था के लिए जाना जाता था। अंधेरा होते ही सड़कों के गड्ढे देखकर लोग समझ जाते थे कि यूपी की सीमा शुरू हो गई है। लेकिन आज प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है, बेटियां सुरक्षित माहौल में स्कूल जा रही हैं और निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। उन्होंने कहा कि मठ प्रबंधन के अनुशासन और व्यवस्था के अनुभव को प्रशासन में लागू कर प्रदेश में “रूल ऑफ लॉ” और पारदर्शी शासन व्यवस्था स्थापित की गई।

सीएम योगी ने कहा कि सरकार ने सुरक्षा के साथ-साथ कृषि, एमएसएमई और उद्योगों पर विशेष ध्यान दिया। One District One Product योजना के जरिए स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान मिली है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयां करीब 3 करोड़ लोगों को रोजगार दे रही हैं।
मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन को भी प्रदेश की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने अयोध्या, काशी विश्वनाथ मंदिर, मथुरा और वृंदावन समेत प्रदेश के धार्मिक स्थलों को वैश्विक पहचान मिलने का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब “बीमारू राज्य” की छवि से निकलकर देश की अर्थव्यवस्था का “ग्रोथ इंजन” बन रहा है।

इस अवसर पर सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने योगी मॉडल की तारीफ करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने आधारभूत संरचना, लॉजिस्टिक्स, डिजिटल गवर्नेंस और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिससे प्रदेश निवेशकों के लिए आकर्षक केंद्र बनकर उभरा है।
सीआईआई अध्यक्ष राजीव मेमानी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में “फिनोमिनल ट्रांसफॉर्मेशन” देखने को मिला है। उद्योग जगत अब यूपी को नए नजरिए से देख रहा है और देश-विदेश के निवेशक यहां बड़े पैमाने पर निवेश करने के इच्छुक हैं। उन्होंने योगी सरकार की कानून व्यवस्था, पारदर्शी प्रशासन और निवेश अनुकूल नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि इससे उद्योग जगत का विश्वास लगातार मजबूत हुआ है।