गाजियाबाद। एनएच-24 स्थित जयपुरिया सनराइज ग्रीन्स टाउनशिप में रहने वाले हजारों निवासियों का लगातार संघर्ष अब रंग लाता दिखाई दे रहा है। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) की सख्त कार्रवाई और NEWS1UP की लगातार चलाई गई मुहिम के बाद आखिरकार बिल्डर को सीवर के गंदे पानी की निकासी के लिए काम शुरू करना पड़ा है।
महीनों से नारकीय हालात में रह रहे थे निवासी
फाइल फोटो
टाउनशिप की सोसायटियों, दिव्यांश ऑनिक्स, रुचिरा सफायर, गोल्डन गेट और एरोकोन रेनबो में लंबे समय से सीवर का गंदा और बदबूदार पानी जमा रहने से हालात बेहद खराब हो चुके थे। सोसायटियों के मुख्य प्रवेश और निकास मार्ग तक जलभराव की चपेट में थे, जिससे लोगों का रोजमर्रा का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा था।
NEWS1UP ने लगातार उठाई निवासियों की आवाज
निवासियों ने कई बार गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, जिलाधिकारी, मुख्यमंत्री पोर्टल और एनजीटी तक शिकायतें भेजीं, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस बीच NEWS1UP ने निवासियों की समस्या को लगातार प्रमुखता से प्रकाशित किया और लगातार खबरें चलाकर प्रशासन तथा बिल्डर दोनों पर दबाव बनाए रखा।
जीडीए की कार्रवाई के बाद टूटी बिल्डर की नींद
टाउनशिप परिसर में बिल्डर के निर्माण पर लगी सील (FILE PHOTO)
बीती 10 अप्रैल को जीडीए ने सख्त कदम उठाते हुए बिल्डर के खिलाफ थाना वेव सिटी में एफआईआर के लिए शिकायत दी। साथ ही साइट पर चल रहे निर्माण कार्यों और कार्यालय को सील कर दिया गया। जीडीए ने पार्टली कंप्लीशन और ओसी निरस्त करने की चेतावनी भी दी। प्रशासन की इस सख्ती के बाद बिल्डर हरकत में आया और अब मौके पर नाले की खुदाई तथा सीवर पाइप डालने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
यह संघर्ष और एकजुटता की जीत: निवासी
स्थानीय निवासी सुदीप शाही ने कहा कि-
सुदीप शाही
यह सभी निवासियों के सतत संघर्ष और मीडिया के सहयोग का परिणाम है। हम मामले को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) तक भी पंहुचे थे। मीडिया ने लगातार हमारी आवाज उठाई, जिससे मामला दबने नहीं पाया।
हरीशकांत शर्मा ने कहा कि-
हरीश कांत शर्मा
जिला प्रशासन और बिल्डर पर निरंतर दवाब बनाये रखा। शिकायतों और आंदोलन की चेतावनियों के बाद प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी।
वहीं रवि साहू ने कहा कि-
रवि साहू
जलभराव और गंदगी के कारण बीमारी फैलने का खतरा बढ़ रहा था, लेकिन अब लोगों को समाधान की उम्मीद दिखाई देने लगी है।
स्थायी समाधान का इंतजार
हालांकि निवासियों का कहना है कि असली राहत तभी मिलेगी जब कार्य पूरी तरह पूरा होकर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा। फिलहाल इलाके के लोगों को उम्मीद है कि उनका संघर्ष और जीडीए की सख्ती और आने वाले दिनों में पूरी तरह सफल साबित होगी।